ई-बस और ई-ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए कुमारस्वामी ने की उच्चस्तरीय बैठक
नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को देशभर में इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए एक उच्चस्तरीय हितधारक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में देशभर के प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया, जिनमें फ्लीट ऑपरेटर, एग्रीगेटर, परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थान, लीजिंग कंपनियां और तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे।
इस परामर्श बैठक का उद्देश्य ई-बसों और ई-ट्रकों को तेजी से अपनाने के लिए जमीनी चुनौतियों को समझना और सरकार एवं निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
बैठक के दौरान हितधारकों ने वित्तीय सहायता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लीट संचालन, व्यावसायिक व्यवहार्यता और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए दीर्घकालिक इकोसिस्टम समर्थन से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।
बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सचिव कमरान रिजवी भी शामिल थे, मौजूद रहे। उन्होंने भारत में इलेक्ट्रिक हैवी व्हीकल मोबिलिटी के भविष्य के रोडमैप पर अपने विचार साझा किए।
कुमारस्वामी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें भारत में यात्री परिवहन की रीढ़ बनने जा रही हैं, जबकि इलेक्ट्रिक ट्रक टिकाऊ लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन के भविष्य को नई दिशा देंगे।
उन्होंने कहा, “भारत स्वच्छ और प्रभावी परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ई-बसें यात्री परिवहन का भविष्य हैं और ई-ट्रक देश में लॉजिस्टिक्स एवं फ्रेट ट्रांसपोर्ट के अगले दौर को परिभाषित करेंगे।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार उद्योग और ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव व्यावहारिक, समावेशी और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बन सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टिकाऊ विकास, परिचालन दक्षता और जिम्मेदार शासन के विजन के अनुरूप है।
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने मंत्रालय की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर विश्वास बढ़ेगा। चर्चा में शहरी, अंतर-शहरी और माल परिवहन नेटवर्क में बड़े पैमाने पर ई-बसों और ई-ट्रकों की तैनाती के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
इस परामर्श बैठक को भारत में टिकाऊ भारी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने और ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बदलाव की दिशा में मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
--आईएएनएस
डीएससी