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बिदादी में ग्रेटर बेंगलुरु टाउनशिप प्रोजेक्ट पर किसानों से बातचीत को सीएम शिवकुमार के आने का इंतजार करूंगा : एचडी कुमारस्वामी

 

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक में प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि वह शनिवार को बिदादी क्षेत्र में किसानों के बीच मौजूद रहेंगे और यदि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार वहां बातचीत के लिए आते हैं तो उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि यह किसी की प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं है बल्कि वह केवल किसानों के हितों के लिए उनके साथ हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए एचडी कुमारस्वामी ने कहा, "मैं पहले ही मुख्यमंत्री को बता चुका हूं कि तय समय पर मैं किसानों के साथ रहूंगा। अगर वह आते हैं तो उनका स्वागत है। इस मुद्दे का समाधान बातचीत से होना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि यदि किसानों को भूमि अधिग्रहण पर कोई आपत्ति नहीं होगी तो उन्हें भी कोई आपत्ति नहीं है। मैं खुद कर्नाटक का मुख्यमंत्री रह चुका हूं। मैं कभी भी बेंगलुरु के विकास में बाधा नहीं बनना चाहता।

एचडी कुमारस्वामी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री शिवकुमार को पत्र लिखकर 27 जून को बायरमंगला गांव आने और प्रस्तावित टाउनशिप से प्रभावित किसानों से मौके पर बातचीत करने का न्योता दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार से कुछ लोगों को यह कहकर धरने पर बैठाया गया है कि वे अपनी जमीन सरकार को देने और मुआवजा लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 20 लोगों का एक अलग टेंट उन किसानों के सामने लगाया गया है, जो पिछले 400 दिनों से अधिक समय से भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और इसकी पूरी पृष्ठभूमि क्या है। मेरा आंदोलन मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं है। करीब दो महीने पहले किसान मेरे पास आए थे और उन्होंने अपनी जमीन अधिग्रहण का कड़ा विरोध किया था। मैं केवल उनकी आवाज उठा रहा हूं। लगभग 70 से 80 प्रतिशत किसान इस परियोजना के खिलाफ हैं और उनका आंदोलन 450 दिनों से भी ज्यादा समय से जारी है।"

एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि किसानों को जबरन जमीन से हटाना किसी के हित में नहीं है। हर फैसला बातचीत और सहमति से होना चाहिए। जब इतना विरोध हो रहा है तो सरकार इस परियोजना को आगे क्यों बढ़ा रही है?

कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण के इस बयान पर कि मुख्यमंत्री का प्रभावित क्षेत्र में जाना कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है, कुमारस्वामी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो फिर सभी किसानों को विधान सौधा बुला लिया जाना चाहिए।

उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल (2006-07) का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उन्होंने इस परियोजना का विरोध कर रहे 500 से 600 किसानों को तीन अलग-अलग मौकों पर अपने सरकारी आवास 'कृष्णा' बुलाकर विस्तार से बातचीत की थी। उन्होंने कहा, "हमने कोई जल्दबाजी नहीं की थी। धैर्यपूर्वक किसानों से चर्चा की और उन्हें परियोजना की पूरी जानकारी दी थी।"

एचडी कुमारस्वामी ने यह भी दावा किया कि विधानसभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड बताते हैं कि उस समय कांग्रेस के नेताओं ने भी बिदादी परियोजना का विरोध किया था। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री अपने सलाहकारों से वे रिकॉर्ड निकलवाएं और पहले देखें कि उनकी अपनी पार्टी ने उस समय क्या कहा था, फिर कोई फैसला लें।"

उन्होंने कहा कि वह किसानों के आंदोलन का समर्थन जारी रखेंगे और यह मामला अंततः कानूनी लड़ाई से ही सुलझेगा। उनके मुताबिक, 2013 में यूपीए सरकार द्वारा बनाया गया भूमि अधिग्रहण कानून लागू है, लेकिन विडंबना यह है कि आज कांग्रेस की सरकार उसी कानून की भावना का उल्लंघन करते हुए परियोजना को आगे बढ़ा रही है।

एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि वह करीब 470 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों से मिलने जाएंगे और दोपहर तक वहीं रहकर मुख्यमंत्री का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री शांतिपूर्वक किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करना चाहती है ताकि निषेधाज्ञा लागू की जा सके।

मुआवजे के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार 19 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का दावा कर रही है, लेकिन वास्तव में कितने किसानों को इसका लाभ मिला है? उन्होंने कहा कि करीब 20 हजार करोड़ रुपए की परियोजना के लिए लोगों पर जबरन मुआवजा थोपना उचित नहीं है। कुछ किसानों ने खेती लाभदायक नहीं रहने के कारण जमीन छोड़ी है, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। इससे यह नहीं माना जा सकता कि सभी किसान भूमि अधिग्रहण के पक्ष में हैं।

बेंगलुरु के विकास पर एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि वह शहर के विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पहले मौजूदा बेंगलुरु की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि मौजूदा शहर की समस्याएं दूर किए बिना एक और नया शहर बसाया जाएगा, तो लोग इसका मजाक उड़ाएंगे।"

अंत में अपनी महंगी घड़ी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी एचडी कुमारस्वामी ने सफाई दी। उन्होंने कहा, "यह प्रचार किया जा रहा है कि मैं 70 लाख रुपए की घड़ी पहनता हूं, जबकि मेरे हाथ में एचएमटी की घड़ी है, जिस पर डॉ. बीआर आंबेडकर की तस्वीर बनी हुई है। यदि किसी को शक है तो एसआईटी से जांच करवा लें और अगर आरोप सही निकले तो घड़ी जब्त कर लें।"

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम