कर्नाटक हिजाब विवाद: श्री राम सेना एक जून से स्कूलों और कॉलेजों में बांटेगी भगवा गमछा
दावणगेरे (कर्नाटक), 21 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक में हिजाब बनाम भगवा गमछा विवाद फिर से तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। श्री राम सेना ने गुरुवार को घोषणा की कि वह 1 जून से स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को भगवा गमछा बांटेगी।
संगठन राज्य सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहा है, जिसमें हिजाब पर लगी पाबंदी हटाने के साथ-साथ पगड़ी, कड़ा, तिलक, भस्म, कलावा जैसे सीमित धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई है, लेकिन भगवा गमछा को अनुमति नहीं दी गई।
दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुथलिक ने स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब और अन्य धार्मिक प्रतीकों की अनुमति देने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने भाजपा सरकार द्वारा 2022 में जारी अधिसूचना को वापस ले लिया है।
मुथलिक ने कहा, ''करीब 40 साल पहले कांग्रेस सरकार ने ही देशभर में यूनिफॉर्म नीति लागू की थी ताकि छात्रों के बीच भेदभाव न हो, लेकिन अब हिजाब की अनुमति देकर उसी सिद्धांत को तोड़ा जा रहा है।''
उन्होंने दावा किया कि नई अधिसूचना में छात्रों को हिजाब के साथ पवित्र धागा और शिवधारा जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा, ''अगर स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब की अनुमति दी जाती है तो भगवा गमछा की भी अनुमति देनी होगी।''
प्रमोद मुथलिक ने आरोप लगाया कि दावणगेरे उपचुनाव के दौरान मुस्लिम समुदाय में जो नाराजगी देखने को मिली थी, उसे शांत करने के लिए सरकार ने हिजाब मुद्दे को फिर से उठाया है। उन्होंने कहा कि इससे टकराव और सांप्रदायिक दंगे हो सकते हैं।
गौहत्या और बीफ निर्यात के मुद्दे पर मुथलिक ने कहा कि श्री राम सेना ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और पशुपालन विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा, ''हर साल करीब 50 हजार करोड़ रुपए का बीफ निर्यात होता है। एक तरफ गाय की पूजा करना और दूसरी तरफ बीफ निर्यात करना सही नहीं है।''
मुथलिक ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को लेकर संगठन केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगा।
बता दें कि विश्व हिंदू परिषद भी राज्य सरकार के फैसले का विरोध कर रही है। संगठन का कहना है कि जब हिजाब, पगड़ी, कड़ा, तिलक, भस्म, क्रॉस और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी जा रही है तो भगवा गमछा पर रोक क्यों लगाई जा रही है।
प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि 2022 में हिजाब विवाद के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था।
उस समय अल-कायदा के तत्कालीन प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने भी कर्नाटक हिजाब विवाद पर टिप्पणी की थी। उन्होंने मंड्या की छात्रा मुस्कान खान की तारीफ करते हुए एक वीडियो जारी किया था। मुस्कान खान ने भीड़ द्वारा विरोध किए जाने पर 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगाए थे।
जवाहिरी ने उनके कदम की सराहना की थी और भारतीय मुसलमानों से कथित उत्पीड़न के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी।
हालांकि राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में भगवा गमछा पर रोक लगाई है, लेकिन हिंदू संगठनों ने कहा कि वे भगवा पहनने वाले छात्रों का समर्थन जारी रखेंगे।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी