कर्नाटक : कैबिनेट विस्तार को लेकर मंत्री यतींद्र ने अपने पिता सिद्धारमैया का किया बचाव
मैसूर (कर्नाटक), 6 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बचाव किया। उन पर आरोप था कि हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्होंने उन 'अहिंदा' नेताओं के लिए कैबिनेट में जगह दिलाने की कोशिश नहीं की, जिन्होंने उनका साथ दिया था।
मैसूर में पत्रकारों से बात करते हुए यतींद्र ने कहा कि सिद्धारमैया ने कैबिनेट में शामिल करने के लिए पूर्व मंत्री एच.सी. महादेवप्पा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नामों की सिफारिश की थी।
मंत्रिमंडल के विस्तार में महादेवप्पा को शामिल न किए जाने पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए यतींद्र ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सिद्धारमैया ने मंत्रियों के लिए सुझाए गए नामों की सूची में महादेवप्पा का नाम शामिल किया था। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने उनकी जगह नरेंद्र स्वामी को नया चेहरा बनाने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, "पार्टी हाईकमान ने एच.सी. महादेवप्पा और तनवीर सैत जैसे वरिष्ठ नेताओं से पहले ही बात कर ली है और उन्हें इस फैसले के पीछे की वजहें बता दी हैं।"
यतींद्र ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि कैबिनेट गठन के दौरान सिद्धारमैया ने वफादार अहिंदा नेताओं को नजरअंदाज किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतिम फैसले पार्टी नेतृत्व ने कई कारकों पर विचार करने के बाद लिए थे।
उन्होंने आगे कहा कि सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कुरुबा समुदाय में जो असंतोष था, उसी के चलते उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया।
उन्होंने कहा, "सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद कुरुबा समुदाय नाराज था। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए मुझे कैबिनेट में मौका दिया गया है।"
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के निर्देश पर राज्य सरकार की सूखा-आकलन प्रक्रिया के तहत यतींद्र ने मैसूर का दौरा किया। उन्होंने उरुलिंगा पेड्डी मठ और सुत्तूर मठ का दौरा किया और संतों का आशीर्वाद लिया।
यात्रा के बारे में बताते हुए यतींद्र ने कहा कि उन्होंने पहले अस्थायी आधार पर मैसूरु जिला प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली थी और अब आधिकारिक तौर पर जिला प्रभारी मंत्री नियुक्त होने के बाद उन्होंने मठों का दौरा किया है।
ध्यान देने वाली बात है कि कैबिनेट विस्तार से 'अहिंदा' गुट से जुड़े विधायकों में असंतोष बना हुआ है। खबरों के अनुसार, वे चयन प्रक्रिया से नाखुश हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एचसी महादेवप्पा गुरुवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए और उनके पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने की उम्मीद है।
यह कदम उन खबरों के बीच उठाया गया है कि कैबिनेट विस्तार पर सुरजेवाला के साथ बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा सुझाए गए नामों की सूची को लेकर कई नेता नाराज हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुछ विधायकों का मानना है कि सिद्धारमैया ने केवल कुछ ही नामों की सिफारिश की जबकि उनके कई करीबी सहयोगियों और वफादारों को अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे गुट में नाराजगी पैदा हो गई है।
सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले महादेवप्पा ने पहले कई मुद्दों पर सीएम शिवकुमार से सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी और सिद्धारमैया के कार्यकाल के दौरान अतिरिक्त डिप्टी सीएम पद बनाने की वकालत भी की थी।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नाराज विधायकों को लगता है कि कैबिनेट विस्तार के दौरान सिद्धारमैया ने पार्टी आलाकमान के सामने उनकी दावेदारी को मजबूती से नहीं रखा।
--आईएएनएस
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