कोलकाता : दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के बाद गिरीश पार्क थाने के प्रभारी को हटाया गया
कोलकाता, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद प्रशासन ने गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को हटा दिया है।
गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज सुमित कुमार घोष को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह, कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारी हीराक दलापति को इस पुलिस स्टेशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें तुरंत अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया है।
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट में पुलिस इंस्पेक्टर हीराक दलापति अगले आदेश तक अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ कोलकाता पुलिस के सेंट्रल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज का काम भी संभालेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
इसके अलावा, लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) ने सभी पुलिस स्टेशनों को 11 कड़े निर्देश भेजे हैं। साथ ही, त्योहार के बचे हुए दिनों में शहर की पूजा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है।
शनिवार की रात सप्तमी के मौके पर चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई और कम से कम 25 लोग घायल हो गए थे।
इस दुखद घटना के बाद चश्मदीदों और वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उनका साफ आरोप है कि पुलिस भीड़ को ठीक से संभाल नहीं पाई। हादसे के बाद भी, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्य शुरू करने में काफी देर हुई।
बैंकशाल कोर्ट ने इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पूजा पंडाल में हुई इस घटना के बाद रविवार शाम को सीएम सुवेंदु अधिकारी साल्ट लेक स्थित 'आरक्षा भवन' में राज्य पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम पहुंचे। वहां से वे लालबाजार गए। उन्होंने कंट्रोल रूम में बैठकर स्थिति का जायजा लिया।
हालांकि पुलिस के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा था लेकिन सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने अपना काम किया है। लापरवाही के आरोपों की जांच की जाएगी।
चोरबागन में मची भगदड़ की घटना के बाद पुलिस विभाग त्योहार के बचे हुए दिनों में शहर की सुरक्षा को लेकर अब और कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। कम से कम नौ आईपीएस अधिकारियों को वापस कोलकाता पुलिस में शामिल किया गया है, जिन्हें पूजा के दौरान भीड़ को संभालने का लंबा अनुभव है।
--आईएएनएस
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