तमिलनाडु के कोडैकनाल में पानी का भारी संकट, लंबे समय तक बारिश न होने से जलाशय खाली
डिंडीगुल, 28 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक, कोडाइकनाल, पीने के पानी के गंभीर संकट से जूझ रहा है। लंबे समय तक सूखे मौसम और कम बारिश के कारण पूरे शहर में पानी की उपलब्धता में भारी कमी आई है।
पानी की बढ़ती किल्लत से स्थानीय लोग, बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर परेशान हैं। म्युनिसिपल वॉटर सप्लाई अब कई घरों में सात से आठ दिनों में सिर्फ एक बार पहुंच रही है।
पहाड़ी इलाके के इस शहर में 24 म्युनिसिपल वार्डों में लगभग 46,000 लोग रहते हैं और यहां साल भर पर्यटकों की भी भारी आवाजाही रहती है। आम दिनों में कोडाइकनाल में लगभग 5,000 से 6,000 पर्यटक आते हैं जबकि वीकेंड और छुट्टियों में यह संख्या 20,000 से भी अधिक हो जाती है।
बढ़ती मांग ने पहले से ही कम हो रहे जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी म्युनिसिपैलिटी पानी की सप्लाई करती है, तो उन्हें पानी जमा करके रखना पड़ता है, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि अगली सप्लाई शायद एक सप्ताह तक न आए। कई कमर्शियल प्रतिष्ठानों ने अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राइवेट वॉटर टैंकर खरीदना शुरू कर दिया है। हर टैंकर की कीमत लगभग 4,000 रुपये है, जिससे ऑपरेटिंग खर्च काफी बढ़ गया है।
इस संकट की मुख्य वजह शहर के पानी के दो अहम स्रोत ऑब्ज़र्वेटरी लेक और कील गुंडारू का सूखना बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि दशकों से कोडाइकनाल की आबादी और टूरिज्म इंडस्ट्री में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद, आजादी के बाद से पानी के लिए कोई बड़ा नया रिजर्वॉयर नहीं बनाया गया है।
वे यह भी बताते हैं कि बहुत कम घरों और कमर्शियल बिल्डिंगों में ही जमीन के नीचे पानी जमा करने की सुविधा है, जिससे लंबे समय तक पानी की कमी होने पर कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
होटल और रेस्टोरेंट भी इससे प्रभावित हुए हैं, जिन्हें रोजाना बहुत अधिक पानी की जरूरत होती है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कमी प्रशासन की नाकामी के बजाय कम बारिश का नतीजा है। जब पानी के प्राकृतिक स्रोत सूख जाते हैं, तो नगरपालिका के पास बहुत कम विकल्प बचते हैं।
नगरपालिका अधिकारियों का मानना है कि कोडैकनाल में पीने के पानी की सप्लाई लगभग पूरी तरह से मौसमी बारिश पर निर्भर है। पानी का लेवल तेजी से गिरने और कील गुंडारू के सूखने की वजह से पंपिंग का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
तत्काल राहत के तौर पर नगर पालिका ने पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए फेयरी फॉल्स के पास एक गहरा कुआं खोदा है और जिमखाना रोड के पास चार और बोरवेल खोदने की योजना बनाई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जब तक अच्छी मानसून बारिश से शहर के जलाशय फिर से नहीं भर जाते, तब तक इन उपायों से संकट कुछ हद तक कम हो जाएगा।
--आईएएनएस
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