केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुंबई में देखी बॉलीवुड विरासत पर आधारित प्रदर्शनी
मुंबई, 10 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को बॉलीवुड की विरासत को समर्पित एक प्रदर्शनी देखने के अपने शानदार अनुभव को साझा किया।
उन्होंने सुपरस्टार धर्मेंद्र, गायिका आशा भोसले और दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय को समर्पित विशेष गैलरी में जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में रिजिजू ने कहा, "मुंबई के सर कावसजी जहांगीर पब्लिक हॉल में स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में 'लेंस एंड लिगेसी:बॉलीवुड इन फोकस' प्रदर्शनी देखने गया। यह भारतीय सिनेमा के विकास की एक दिलचस्प यात्रा थी, जिसमें इसकी रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रभाव और उन शक्तिशाली कहानियों को दिखाया गया है जिन्होंने कई पीढ़ियों को आकार दिया है।"
प्रदर्शनी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत खूबसूरती से दिखाती है कि कैसे बॉलीवुड भारत की विविधता, आकांक्षाओं और दुनियाभर के लोगों के साथ उसके भावनात्मक जुड़ाव को लगातार दिखाता रहता है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, "कला, कहानी कहने और सिनेमाई विरासत के इस जीवंत उत्सव को देखना सचमुच एक यादगार अनुभव था।"
इससे पहले, मुंबई में अपने कार्यक्रमों के दौरान, रिजिजू ने शनिवार को जोर देकर कहा कि भारत में संविधान के तहत सभी नागरिक समान हैं, चाहे उनकी आबादी का आकार कुछ भी हो या वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों।
केंद्रीय मंत्री ने उन 'झूठी बातों' को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें यह कहा जाता है कि देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं।
वह एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसका आयोजन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने अपने साझेदारों टीआईएसएस और पारजोर फाउंडेशन के सहयोग से किया था।
इस सेमिनार का मुख्य विषय पारसी-जरथुष्ट्र समुदाय था, जिसमें उनकी आबादी कम होने के बावजूद भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने में उनके जबरदस्त योगदान पर चर्चा की गई।
--आईएएनएस
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