खाटूश्यामजी नगर पालिका में चेयरमैन चुनाव टला, कांग्रेस पार्षद की अनुपस्थिति से देर रात तक चला सियासी ड्रामा
जयपुर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका में चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के पदों के लिए चुनाव टाल दिया गया। यह फैसला वोटिंग प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी की अनुपस्थिति को लेकर सोमवार देर रात हुए विवाद के बाद लिया गया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी वोटिंग के लिए नहीं पहुंच पाईं। उन्हें वोट डालने का मौका देने के लिए वोटिंग की समय-सीमा कई बार बढ़ाई गई। स्थानीय खबरों के मुताबिक, यह प्रक्रिया सोमवार देर रात तक चली और वोटिंग रिकॉर्ड आधी रात के बाद सील किए गए।
इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने घोषणा की कि राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद चुनाव को अगले आदेश तक टाल दिया गया है।
यह विवाद इसलिए अहम है क्योंकि 20 सदस्यों वाली खाटूश्यामजी नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों की संख्या बराबर आठ-आठ है। इसके अलावा तीन निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद हैं।
बहुमत के लिए 11 वोटों की जरूरत है। लक्ष्मी देवी के वोटिंग स्थल पर न पहुंचने के बाद सोमवार को पूरे दिन राजनीतिक ड्रामा चलता रहा।
रिटर्निंग ऑफिसर ने बार-बार वोटिंग का समय बढ़ाया। खबरों के अनुसार आखिरी बार समय रात करीब 11:30 बजे बढ़ाया गया था। भाजपा नेताओं और समर्थकों ने नगरपालिका के बाहर धरना दिया और मांग की कि लक्ष्मी देवी को वोट डालने दिया जाए।
उनके लापता होने के आरोपों को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई। ये आरोप उनके परिवार और भाजपा समर्थकों ने लगाए हैं लेकिन इनकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वहीं, कांग्रेस नेताओं ने बार-बार समय बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई। खबरों के मुताबिक, कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष सुनीता गिठाला और पूर्व प्रधान भंवरलाल वर्मा ने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और वोटिंग की समय-सीमा बढ़ाने पर सवाल उठाए।
अनिश्चितता के माहौल में दोनों पार्टियों के समर्थकों का धरना जारी रहा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर अपनी पार्षद को वोटिंग प्रक्रिया से दूर रखा जबकि पार्षद के परिवार ने कांग्रेस पर आरोप लगाए। लक्ष्मी देवी वार्ड 10 की पार्षद हैं और कांग्रेस के टिकट पर चुनी गई थीं। चुनाव रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्होंने 172 वोटों से वार्ड जीता था और भाजपा की ममता देवी को 37 वोटों से हराया था।
चेयरमैन पद के लिए भाजपा उम्मीदवार प्रेम देवी और कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पुनिया चुनाव लड़ रही हैं। खबरों में लक्ष्मी देवी को प्रेम देवी का रिश्तेदार बताया गया है, जिससे विवाद में एक नया पहलू जुड़ गया है।
विरोध-प्रदर्शन खत्म होने के बाद दोनों पार्टियों के समर्थक नगर पालिका परिसर से चले गए। चुनाव अधिकारियों को अपनी-अपनी मांगों वाले ज्ञापन सौंपे गए।
दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में वोटिंग रिकॉर्ड सुरक्षित किए गए और सील कर दिए गए। बीजेपी नेताओं ने राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करके उन्हें घटनाक्रम की जानकारी दी।
सोमवार देर रात, रिटर्निंग ऑफिसर कपिल उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद, खाटूश्यामजी नगर पालिका के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के चुनाव को अगले आदेश तक टाल दिया गया है।
इसलिए, चेयरमैन पद के चुनाव का अंतिम नतीजा चुनाव अधिकारियों द्वारा आगे के निर्देश जारी करने के बाद ही पता चल पाएगा।
--आईएएनएस
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