केरल पीएससी परीक्षा घोटाला: निलंबित अतिरिक्त सचिव हरि गिरफ्तार
तिरुवनंतपुरम, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) परीक्षा घोटाले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को आयोग के अतिरिक्त सचिव आर. हरि को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद, इस हफ्ते की शुरुआत में उन्हें निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद से वे फरार चल रहे थे।
पीएससी के परीक्षा विभाग के प्रभारी हरि को शुक्रवार रात कोच्चि में एक रिश्तेदार के घर से हिरासत में लिया गया।
एसआईटी द्वारा आरोपी बनाए जाने के बाद, सोमवार को पीएससी ने हरि को सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद वह छिप गया था।
उसकी गिरफ्तारी पीएससी परीक्षा में कथित हेराफेरी की जांच में एक अहम मोड़ है। इस मामले ने संवैधानिक भर्ती संस्था (पीएससी) के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला केरल राज्य योजना बोर्ड में 'चीफ, इंडस्ट्री एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन' के पद के लिए आयोजित परीक्षा से जुड़ा है।
एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, जब एक उम्मीदवार ने 'सूचना का अधिकार' (आरटीआई) कानून के तहत अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिका की एक कॉपी हासिल की, तब इन कथित अनियमितताओं का पता चला।
इससे पहले, एसआईटी ने इस मामले में अपनी पहली गिरफ्तारी करते हुए पीएससी के पूर्व उप-सचिव पी. सतीश को हिरासत में लिया था। सतीश, योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' के प्रभारी थे।
लगभग 18 महीने पहले रिटायर हुए सतीश को बाद में इस मामले में आरोपी बनाया गया।
आरोपी बनाए जाने के बाद, राज्य सरकार ने उनकी पेंशन सुविधाओं पर भी रोक लगा दी है।
एसआईटी ने हरि और सतीश दोनों को आरोपी बनाया है। हरि सोमवार को सस्पेंड होने तक अपनी सेवा में बना हुआ था।
परीक्षा में हुई इस कथित धांधली ने पीएससी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
आरटीआई आवेदन के जरिए इन अनियमितताओं के सामने आने से, आयोग की आंतरिक परीक्षा और मूल्यांकन प्रणालियों की भी नए सिरे से जांच शुरू हो गई है।
इससे पहले एसआईटी ने पीएससी के चेयरमैन डॉ. एम.आर. बैजू से भी पूछताछ की थी, और माना जाता है कि हरि उनका काफी करीबी सहयोगी है।
--आईएएनएस
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