बशीर की मौत मामले में आईएएस अधिकारी वेंकिटरमन के खिलाफ ट्रायल पर हाई कोर्ट की रोक
कोच्चि, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को पत्रकार केएम बशीर की 2019 में सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकिटरमन के खिलाफ चल रहे ट्रायल की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
जस्टिस जी गिरीश ने यह आदेश बशीर की पत्नी जसीला की याचिका पर दिया। जसीला ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) नियुक्त नहीं करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी है।
हाई कोर्ट ने सरकार के फैसले से संबंधित रिकॉर्ड भी पेश करने को कहा है।
मामले पर अब 27 अक्टूबर को दोबारा विचार किया जाएगा। इस बीच अभियोजक को सरकार से निर्देश लेने के लिए कहा गया है।
बशीर की अगस्त 2019 में उस समय मौत हो गई थी, जब तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम जंक्शन के पास उनकी मोटरसाइकिल को कथित तौर पर तेज रफ्तार से वेंकिटरमन द्वारा चलाई जा रही कार ने टक्कर मार दी थी।
वेंकिटरमन के खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने, लापरवाही से मौत का कारण बनने और शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाने समेत कई आरोपों में मुकदमा चल रहा है।
बशीर की मौत के लगभग सात साल बाद इस साल 1 अगस्त को मामले का ट्रायल शुरू हुआ। जसीला ने इससे पहले मामले के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था।
उन्होंने ट्रायल को दूसरी अदालत में स्थानांतरित किए जाने को भी चुनौती दी थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी याचिका को केवल विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की मांग तक सीमित कर दिया।
अगस्त में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील को रिकॉर्ड में लिया था, जिसमें सरकार ने कहा था कि उसने सैद्धांतिक रूप से अधिवक्ता ए. संतोष कुमार को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का फैसला किया है।
इसके बाद अदालत ने सरकार को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने का समय देते हुए ट्रायल को एक महीने के लिए टाल दिया था।
हालांकि, बाद में सरकार ने 17 सितंबर को जारी आदेश के जरिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की मांग खारिज कर दी।
अब जसीला ने सरकार के इसी फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट को संतोष कुमार की नियुक्ति का फैसला लेने की जानकारी देने के बाद सरकार ने अपना रुख बदल लिया।
जसीला की याचिका में कहा गया, "ऐसा लगता है कि सरकार ने विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की मांग खारिज करके अपने रुख से यूटर्न ले लिया है।" उन्होंने सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की है।
उन्होंने हाई कोर्ट से यह निर्देश देने की भी मांग की है कि गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संतोष कुमार को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करें।
इससे पहले जसीला द्वारा ट्रायल ट्रांसफर से जुड़ी मांग को आगे नहीं बढ़ाने के फैसले के बाद हाई कोर्ट ने मुकदमे के स्थानांतरण को बरकरार रखा था।
इस मामले का ट्रायल फिलहाल तिरुवनंतपुरम की अतिरिक्त सत्र अदालत-IV में चल रहा है।
हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद ट्रायल की आगे की कार्यवाही फिलहाल रुकी रहेगी। 27 अक्टूबर को हाई कोर्ट इस मामले पर फिर सुनवाई करेगा।
--आईएएनएस
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