केरल हाई कोर्ट ने स्वच्छ और अनुशासित चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की सराहना की
कोच्चि, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल हाईकोर्ट ने राज्य में शांतिपूर्ण और स्वच्छ चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की सराहना की है। अदालत ने कहा कि इस बार चुनाव प्रचार के दौरान बैनर, पोस्टर, झंडों और फ्लेक्स बोर्ड की भीड़भाड़ काफी हद तक देखने को नहीं मिली, जो पहले आम बात थी।
न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने राहुल के.टी. बनाम सेंट स्टीफंस मलनकारा कैथोलिक चर्च एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। अमीकस क्यूरी हरीश वासुदेवन ने अदालत को बताया कि 9 अप्रैल को संपन्न हुए चुनाव में राज्य काफी हद तक अनावश्यक प्रचार सामग्री से मुक्त रहा।
अदालत ने माना कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने से यह संभव हो सका। इससे चुनावों में अनियंत्रित प्रचार सामग्री पर प्रभावी रोक लगी।
हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े अन्य मुद्दे अभी लंबित हैं और समय की कमी के कारण सुनवाई को अदालत की छुट्टियों के बाद के लिए स्थगित कर दिया गया है।
इधर, राज्य में चुनाव प्रचार के तौर-तरीकों में भी बदलाव देखने को मिला। पुथुप्पल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार चांडी ओम्मेन ने बिना फ्लेक्स बोर्ड के कम खर्च और जनसंपर्क आधारित प्रचार किया, जो काफी चर्चा में रहा। वह अक्सर साइकिल से क्षेत्र में घूमकर लोगों से वोट मांगते नजर आए।
उनके प्रचार को उस समय और बल मिला जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उनके साथ साइकिल चलाते हुए नजर आए। इससे सादगी और जनता से जुड़ाव का संदेश गया।
चांडी ओम्मेन ने बताया कि उनका कुल चुनाव खर्च करीब 20 लाख रुपये रहा, जो यह दिखाता है कि कम खर्च में भी नियमों का पालन करते हुए प्रभावी प्रचार संभव है।
गौरतलब है कि केरल में 9 अप्रैल को 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ था। हाईकोर्ट की इस सराहना और बदले हुए चुनावी रुझानों से राज्य की राजनीतिक संस्कृति में एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है, जिसमें संयम, जिम्मेदारी और चुनावी नियमों के पालन को प्राथमिकता मिल रही है।
--आईएएनएस
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