मौसम साफ होते ही फिर शुरू हुई केदारनाथ यात्रा, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
रुद्रप्रयाग, 31 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण कुछ समय के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्रा रविवार को फिर से शुरू हो गई।
जैसे ही मौसम साफ हुआ और बारिश रुकने के बाद केदारनाथ ट्रैकिंग मार्ग पर कामकाज फिर से शुरू हुआ, तीर्थयात्रियों की आवाजाही भी शुरू हो गई। हालांकि, अगर दिन में बाद में मौसम फिर से खराब होता है, तो तीर्थयात्रियों को हालात सुधरने तक पास की सुरक्षित जगहों पर ठहराया जाएगा।
इससे पहले दिन में मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश के बीच 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) विशाल मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इस इलाके में रातभर बारिश हुई। हमें मौसम विभाग से जानकारी मिली है कि आज 'ऑरेंज अलर्ट' जारी रहेगा और मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए सोमवार के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि हमने उन लोगों से अनुरोध किया है जो अभी तीर्थस्थलों की ओर जा रहे हैं, वे पास के 'होल्डिंग एरिया' (ठहरने की जगह) और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। हमारी टीमें कंट्रोल रूम से और मौके पर जाकर भी हालात पर नजर रख रही हैं। हमारी पूरी कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तीर्थयात्री को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सोनप्रयाग, गौरीकुंड और भूस्खलन की आशंका वाले अन्य इलाकों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि जब तक मौसम के हालात न सुधरें, तब तक किसी भी तीर्थयात्री को आगे न जाने दें। हालांकि, जैसे ही मौसम के हालात सुधरे सुरक्षित जगहों पर रुके हुए तीर्थयात्रियों को आगे जाने दिया गया।
इस बीच, भारी बारिश और कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं भी कुछ समय के लिए रोक दी गई हैं। डीएम ने पिछले दो दिनों से राज्य में हो रही भारी बारिश को देखते हुए बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में 'होल्डिंग एरिया' बनाए गए हैं, जहां तीर्थयात्रियों को सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीर्थयात्रियों से सुझाव भी लिए गए हैं। डीएम ने कहा कि कुछ दिक्कतें सामने आई हैं। हम तीर्थयात्रियों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि वे जल्द से जल्द 'दर्शन' कर सकें।
डीएम ने कहा कि प्रशासन मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने पर भी ध्यान दे रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मंदिर में 'टोकन सिस्टम' का पालन किया जाए। हमें पता चला है कि कुछ असामाजिक तत्व परेशानी खड़ी कर रहे हैं, जिसमें तीर्थयात्रियों को लूटना भी शामिल है। पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है और वे कार्रवाई कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण किए जा रहे हैं और कई 'पोनीवालों' (टट्टू वालों) को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम तीर्थयात्रियों के बैठने की व्यवस्था कर रहे हैं और जो लोग हेलीकॉप्टर से आ रहे हैं, उनके लिए होल्डिंग एरिया भी बना रहे हैं।
--आईएएनएस
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