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कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद: सिद्दारमैया ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, भाजपा का कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप

 

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवाद ने मंगलवार को एक नया मोड़ ले लिया। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सिद्दारमैया ने बेंगलुरु की एक अदालत का रुख किया और कथित तौर पर मानहानि करने वाले ऑडियो और वीडियो क्लिप के प्रसार और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने 'सिद्दारमैया को धोखा दिया, उनका इस्तेमाल किया और फिर उन्हें छोड़ दिया'।

सिद्दारमैया ने बेंगलुरु की एडिशनल सिटी एंड सेशंस कोर्ट (सीसीएच-18) में एक याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े उन ऑडियो और वीडियो क्लिप के प्रसार और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है, जिनमें उनके बारे में अपमानजनक बातें कही गई हैं। उन्होंने इस मामले की जांच की भी मांग की है।

यह घटनाक्रम भाजपा के पूर्व नेता और विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल के उन आरोपों के बाद सामने आया है, जिनमें कहा गया था कि सिद्दारमैया को ब्लैकमेल करके इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भी सिद्दारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन के बारे में बात की है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सिद्दारमैया को धोखा दिया और उन्हें ऐसी स्थिति में धकेल दिया कि उन्हें राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए अशोक ने कहा कि वे भारी मन से और अपनी इच्छा के विरुद्ध ये बातें कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया ने पूर्व मुख्यमंत्री डी. देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ा था और मुख्यमंत्री का पद भी छोड़ दिया था।

अशोक ने आरोप लगाया, "आज कांग्रेस ने ही सिद्दारमैया को अदालत जाने की परेशानी में डाला है। यह एक एहसान-फरामोश और धोखेबाज कांग्रेस है जिसने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने उन्हें ऐसी दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है कि उन्हें स्टे ऑर्डर (रोक का आदेश) पाने के लिए अदालत जाना पड़ रहा है। उन्होंने उनका इस्तेमाल किया और फिर उन्हें छोड़ दिया।"

उन्होंने यह भी मांग की कि कथित स्टिंग ऑपरेशन और ऑडियो-वीडियो क्लिप के संबंध में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। अशोक ने कांग्रेस सरकार पर राज्य की समस्याओं, खासकर गंभीर सूखे और किसानों की कठिनाइयों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से दी जा रही मामूली आर्थिक मदद भी किसान लौटा रहे हैं जबकि सत्ताधारी पार्टी कथित स्टिंग ऑपरेशन और वीडियो क्लिप के प्रसार में उलझी हुई है।

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भी आलोचना की। शिवकुमार पर आरोप लगाया कि पद संभालने के बाद से उन्होंने कर्नाटक के बजाय दिल्ली में ज्यादा समय बिताया है। अशोका ने कहा, "राज्य के लोगों की जरा भी परवाह किए बिना, वे इस बात पर चर्चा करने में व्यस्त हैं कि स्टिंग ऑपरेशन किसने करवाया।"

--आईएएनएस

एसडी/पीएम