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कर्नाटक: शिवकुमार के सीएम के तौर पर 100 दिन पूरे, 5 लाख प्लॉट देने और नई योजनाओं का ऐलान

 

बेंगलुरु, 10 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके. शिवकुमार ने गुरुवार को अपने कार्यकाल के सौ दिन पूरे होने पर कई नई पहल शुरू कीं। इनमें 'सेवा वन', 'रैथा चैतन्य' स्किम, स्कूलों के लिए सीएसआर पोर्टल, स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए मुफ्त बस पास, बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी) ऐप, 'वन कर्नाटक मोबिलिटी' ऐप और 'रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस' (आरईसीडी) लगाने का कार्यक्रम शामिल है।

उन्होंने भूमिविहीन परिवारों को घर बनाने के लिए पांच लाख प्लॉट देने और सैनिक सम्मान योजना को लागू करने के आदेशों पर भी हस्ताक्षर किए।

ये घोषणाएं विधान सौधा बैंक्वेट हॉल में आयोजित 'दृढ़ कर्नाटक संकल्प' कार्यक्रम में की गईं। यह कार्यक्रम शिवकुमार के मुख्यमंत्री के तौर पर सौ दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया था।

शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जल सुरक्षा, निवेश, आर्थिक विकास, बेंगलुरु के विकास, क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक न्याय, पूंजी निवेश और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करके एक मजबूत कर्नाटक बनाने के अपने संकल्प को दोहराया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं और राज्य के विकास को आगे बढ़ाना जारी रखेगी। मैं यह रथ अकेले नहीं खींच रहा हूं। यह आपकी सरकार है। राज्य सरकार कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की है।

प्रमुख घोषणाओं में, शिवकुमार ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में भूमिविहीन परिवारों को घर बनाने के लिए पांच लाख प्लॉट दिए जाएंगे।

ग्रामीण इलाकों में बेघर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को मुफ्त घर और प्लॉट भी दिए जाएंगे। एससी/एसटी रिहायशी इलाकों में सड़कों, नालियों और स्ट्रीटलाइट्स को बेहतर बनाया जाएगा, जबकि एससी, एसटी, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों के 50,000 युवाओं को दो साल में स्वरोजगार के अवसर दिए जाएंगे।

किसानों के लिए शिवकुमार ने 'मुख्यमंत्री नेगिलु योगी' योजना की घोषणा की, जिसके तहत तीन एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को सब्सिडी वाली मशीनीकृत जुताई सेवाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ग्रामानुभव' योजना शहरी छात्रों को ग्रामीण जीवन से परिचित कराएगी। सरकार सड़कों के किनारे सागौन के पौधे भी लगाएगी और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी किसानों को देगी। पेड़ काटे जाने पर किसानों को उससे होने वाली कमाई का 70 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।

युवाओं के सशक्तीकरण के लिए, शिवकुमार ने पूरे राज्य में 10,000 'भारत जोड़ो युवा संघ' बनाने की घोषणा की, जिसके लिए 1,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं और हर संघ को सालाना 10 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'उद्योग निधि' और 'युवा उद्योग सेतु' पहल निजी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देंगी और उद्योग की जरूरतों के आधार पर कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में, शिवकुमार ने घोषणा की कि सीएसआर फंड और वर्ल्ड बैंक की मदद से ग्रामीण इलाकों के 1,000 सरकारी स्कूलों को केपीएस के तौर पर विकसित किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रामीण छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

औद्योगिक विकास पर, शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर उनके पहले सौ दिनों में 43,214 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। पिछड़े तालुकाओं में निवेश आकर्षित करने के लिए एक विशेष पैकेज लाया जाएगा। उन्होंने टेक्सटाइल पॉलिसी, बल्लारी जीन्स पार्क, एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी और डोड्डाबल्लापुर में 4,000 एकड़ जमीन पर 20,000 करोड़ रुपए के मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में प्रवेश कर रहा है और भारत के पहले सरकारी एआई विश्वविद्यालय की योजना की घोषणा की, साथ ही छठी कक्षा से छात्रों के लिए एआई शिक्षा शुरू करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी तालुकाओं में टेली-आईसीयू, 1,000 श्मशान घाटों के विकास और बेंगलुरु के लालबाग की तर्ज पर पांच पार्क बनाने की भी घोषणा की।

"'बियॉन्ड बेंगलुरु' पहल के तहत, कलबुर्गी, बेलगावी, हुबली-धारवाड़, मंगलुरु और मैसूरु में पांच ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किए जाएंगे।"

शिवकुमार ने कहा कि प्रशासन को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए 'प्रजा सेवा' पहल शुरू की गई है। इसके तहत पेंशन, जमीन के रिकॉर्ड और आवास स्थलों से संबंधित 30,000 आवेदन पहले ही मिल चुके हैं।

कांग्रेस सरकार के तीन साल के कामकाज पर प्रकाश डालते हुए, शिवकुमार ने कहा कि पांच गारंटी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 1,45,416 करोड़ रुपए दिए गए हैं। 'गृह लक्ष्मी' योजना से 1.24 करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है, जबकि 'गृह ज्योति' योजना 1.67 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली दे रही है। 'अन्न भाग्य' योजना 4.44 करोड़ लोगों को हर महीने 10 किलो चावल उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि 'शक्ति' योजना के तहत 15,735 करोड़ रुपए खर्च किए गए और महिलाओं ने 821 करोड़ बार मुफ्त बस यात्रा की, जबकि 'युवा निधि' योजना के तहत 3.72 लाख युवाओं को 1,154 करोड़ रुपए दिए गए। कर्नाटक ने तीन सालों में 2.53 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया है और विदेशी निवेश लाने के मामले में देश में दूसरे स्थान पर रहा है। छह लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने की उम्मीद थी, जबकि राज्य की जीडीपी बढ़कर 32.81 लाख करोड़ रुपए हो गई, जिसमें 8.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का बड़ा मकसद कर्नाटक को आने वाले कल के भारत के लिए एक मॉडल बनाना है, और राज्य की अर्थव्यवस्था को 2037 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कर्नाटक सरकार कुपोषण, स्कूल छोड़ने की दर और गरीबी को पांच प्रतिशत से नीचे लाने और आखिरकार उन्हें शून्य तक लाने के लिए भी काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने 100-दिन के कार्यक्रम के तहत विधान सौधा बैंक्वेट हॉल परिसर में राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ लंच भी किया।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम