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डीजल की कीमतें बढ़ने से कर्नाटक में आरटीसी बसों का बढ़ सकता है किराया : बी. सुरेश

 

बेंगलुरु, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने गुरुवार को संकेत दिया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित सड़क परिवहन निगमों (आरटीसी) के बस किराए में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने किराए में पिछली बार बदलाव के बाद से डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का हवाला दिया।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए सुरेश ने कहा कि सरकार डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के आधार पर प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी की समीक्षा करेगी और कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद फैसला लेगी।

उन्होंने कहा, "हमने दिसंबर 2025 में बसों का किराया बढ़ाया था। तब से, डीजल की कीमत प्रति लीटर 15 से 16 रुपये तक बढ़ गई है। हम कीमत में बढ़ोतरी के अनुपात पर चर्चा करेंगे, सरकार को प्रस्ताव सौंपेंगे और कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद आरटीसी बस किराया बढ़ोतरी लागू की जाएगी।"

सुरेश ने कहा कि सरकार ने राज्य द्वारा संचालित सभी चार आरटीसी से प्रस्तावित किराया संशोधन पर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट गुरुवार या शुक्रवार को सौंपे जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, "हमने बस किराया बढ़ोतरी पर चार आरटीसी से रिपोर्ट मांगी थी। वे आज या कल रिपोर्ट सौंपेंगे। हम समीक्षा करेंगे कि किराया कितना बढ़ाया जाना चाहिए और क्या अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ोतरी अलग-अलग होनी चाहिए।"

मंत्री ने सवाल किया कि जब ईंधन की कीमतें बार-बार बढ़ी हैं, तो किराया बढ़ाए बिना आरटीसी का प्रबंधन कैसे किया जा सकता है।

सुरेश ने पूछा, "अगर केंद्र सरकार ने डीजल की कीमतें पांच बार बढ़ाई हैं और विपक्ष कहता है कि बस का किराया नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, तो हम आरटीसी कैसे चलाएं?"

उन्होंने कहा कि किराया बढ़ोतरी की मात्रा पर फैसला लेने से पहले सरकार परिचालन लागत में बढ़ोतरी और चार आरटीसी की सिफारिशों को ध्यान में रखेगी।

मंत्री ने कहा कि बस किराया बढ़ाने पर अंतिम फैसला सरकार को प्रस्ताव सौंपे जाने और कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद लिया जाएगा।

कर्नाटक सरकार द्वारा संचालित चारों सड़क परिवहन निगम पूरे राज्य में कुल 26,054 बसें चलाते हैं। बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (बीएमटीसी) इलेक्ट्रिक बसों सहित 7,067 बसें चलाता है। परिवहन मंत्रालय के अनुसार, जहां राष्ट्रीय औसत प्रति 1,000 लोगों पर 1.2 बसें हैं, वहीं कर्नाटक प्रति 1,000 लोगों पर 3.81 बसें उपलब्ध कराता है। कर्नाटक शक्ति योजना के तहत, राज्य भर में सरकारी नॉन-लग्जरी बसों में महिलाओं, 6 साल और उससे ज्यादा उम्र की लड़कियों और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जाती है।

गौर करने वाली बात है कि कर्नाटक के चार सरकारी रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन शक्ति योजना के तहत राज्य सरकार से कुल 5,650.95 करोड़ रुपए की भरपाई का इंतजार कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम