कर्नाटक पुलिस संदिग्ध आतंकवादी के लश्कर-ए-तैयबा सदस्यों के साथ संबंधों की कर रही जांच
कलबुर्गी, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी ममताज मल्लिक के पाकिस्तानी मूल के लोगों और पड़ोसी देश से संचालित आतंकवादी संगठनों के साथ कथित संबंधों का पता लगाया है।
पश्चिम बंगाल के रहने वाले मल्लिक नाम के एक युवक को रविवार को उत्तरी कर्नाटक के कलबुर्गी में जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार किया। ब्रह्मपुरा पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही उसके आतंकवादी संगठनों तथा भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह वाले लोगों के साथ कथित संबंधों की जांच कर रही है।
चौक पुलिस इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने ब्रह्मपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में आतंकवादी कृत्य या उसकी तैयारियों के लिए साजिश रचने, प्रयास करने, उकसाने, सलाह देने, भड़काने या जानबूझकर मदद करने से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं।
वहीं, धारा 197(1) उन आरोपों से जुड़ी है, जिनमें कहा जाता है कि लोगों का कोई समूह धर्म, नस्ल, भाषा, जाति, क्षेत्र या समुदाय के आधार पर संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा नहीं रख सकता या भारत की संप्रभुता को बनाए नहीं रख सकता।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि मल्लिक व्हाट्सऐप ग्रुप और इंस्टाग्राम के जरिए ऐसे लोगों और समूहों के संपर्क में था, जिनके आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने का संदेह है।
पुलिस के अनुसार, मल्लिक 'इमाम महदी' नाम के एक व्हाट्सऐप ग्रुप का सदस्य था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि पाकिस्तान के रहने वाले बताए जा रहे जैनुल आबदीन नाम के एक व्यक्ति ने उसे इस ग्रुप में जोड़ा था।
जांचकर्ताओं को ऐसी जानकारी मिली है, जिससे पता चलता है कि जैनुल आबदीन पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' के कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस इस सुराग की जांच कर रही है ताकि कथित संबंधों की प्रकृति और उनके दायरे का पता लगाया जा सके।
आरोपी 'कश्मीर टाइगर 313', 'आई लव पाकिस्तान, आई लव कश्मीर' और 'मेजर इकबाल आईएसआई' नाम के इंस्टाग्राम पेज भी फॉलो कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह पाकिस्तान से जुड़े वीडियो और रील्स को फॉलो और लाइक करता था।
जांचकर्ताओं ने मल्लिक के मोबाइल फोन में मौजूद फोटो और वीडियो को जब्त किया है या उनकी जांच की है। वे उसके कथित संबंधों, ऑनलाइन गतिविधियों और नेटवर्क का पता लगाने के लिए डिजिटल सबूत भी जुटा रहे हैं।
पुलिस इन सुरागों की पुष्टि करने के लिए जांच जारी रखे हुए है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी आतंकवादी संगठनों से जुड़ी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल था।
--आईएएनएस
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