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'कर्नाटक को केंद्रीय फंड में अपना हिस्सा मिलना चाहिए', नीति आयोग के उपाध्यक्ष से बोले सीएम शिवकुमार

 

बेंगलुरु, 2 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को नीति आयोग से आग्रह किया कि राज्य को केंद्रीय फंड में अपना वाजिब हिस्सा मिले।

शिवकुमार ने यह अपील बेंगलुरु में अपने आधिकारिक आवास 'कृष्णा' में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी के साथ बैठक के दौरान की।

सहकारी संघवाद के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों को राष्ट्रीय हित में मिलकर काम करना चाहिए, क्योंकि देश के समग्र विकास के लिए राज्यों का विकास आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सभी को देश के हितों को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करना चाहिए। देश का विकास तभी हो सकता है जब राज्यों का विकास हो। संघीय व्यवस्था के तहत, राज्यों और केंद्र को एक-दूसरे के सहयोग से काम करने की आवश्यकता है। लंबे समय के बाद, मुझे नीति आयोग के साथ अलग से बैठक करने का अवसर मिला है। नीति आयोग को कर्नाटक को हर संभव सहयोग देना चाहिए।

शिवकुमार ने कहा कि देश को कर्नाटक से बहुत उम्मीदें हैं और उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य के योगदान को स्वीकार किया है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने 'दूसरा बेंगलुरु' विकसित करने का सुझाव दिया था और भरोसा दिलाया कि राज्य दूसरे राज्यों की पहलों का अध्ययन करके इस बारे में एक सही योजना बनाएगा।

उन्होंने कहा, 'कर्नाटक जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, मानव विकास संकेतकों, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, निर्यात, स्टार्टअप और आईटी सर्विस सेक्टर के मामले में देश में सबसे आगे है। कर्नाटक के पास देश में सबसे अच्छी क्वालिटी के ह्यूमन रिसोर्स हैं।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक हर साल लगभग 1.6 लाख इंजीनियर और करीब 13,000 डॉक्टर तैयार करता है, जबकि बेंगलुरु में लगभग 26 लाख आईटी प्रोफेशनल रहते हैं।

शिवकुमार ने कहा कि देश के हर हिस्से से लोग बेंगलुरु आ रहे हैं और यहां बस रहे हैं, और शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। इन सभी वजहों से बेंगलुरु पर दबाव बढ़ रहा है। हमने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, और वे लागू होने के अलग-अलग चरणों में हैं।

केंद्र से मिलने वाले फंड के बंटवारे में आबादी को आधार बनाने का जिक्र करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि जिन दक्षिणी राज्यों ने आबादी कंट्रोल करने के उपाय सफलतापूर्वक लागू किए हैं, उन्हें नुकसान नहीं होना चाहिए।

--आईएएनएस

एमएस/