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कर्नाटक: विपक्ष के नेता अशोक ने वित्तीय संकट को लेकर सीएम शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की

 

बेंगलुरु, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राज्य के वित्त प्रबंधन में विफल रही है और धन की कमी के बावजूद बड़े-बड़े वित्तीय घोषणाएं कर रही है।

अशोका विधान सौधा परिसर में केंगल हनुमंथैया प्रतिमा के पास आयोजित भाजपा के विरोध प्रदर्शन में बोल रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार वित्त विभाग को संभालने में असमर्थ हैं और उन्हें कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

अशोका ने कहा कि आप (डीके शिवकुमार) वित्त विभाग का प्रबंधन करने में असमर्थ हैं। इसलिए, आप मुख्यमंत्री बने रहने के योग्य नहीं हैं। तुरंत इस्तीफा दें।

विपक्ष के नेता अशोक ने राज्य सरकार को 'दिवालिया सरकार' बताते हुए आरोप लगाया कि वित्त विभाग ने स्वयं धन की कमी को उजागर करते हुए एक विज्ञप्ति जारी करके कर्नाटक की दयनीय वित्तीय स्थिति का खुलासा किया है।

उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों के दौरों के दौरान बड़ी-बड़ी वित्तीय घोषणाएं करने की राज्य सरकार की प्रथा पर सवाल उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार हाल ही में मंगलुरु गए और 32,000 करोड़ रुपए की घोषणा की। सिद्धारमैया कलबुर्गी गए और 40,000 करोड़ रुपए की घोषणा की। चामराजनगर में 20,000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई। कैबिनेट बैठकों में विभिन्न स्थानों पर 25,000 करोड़ रुपए और 50,000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई।

अशोका ने दावा किया कि राज्य सरकार अब सूखा राहत प्रदान करने में असमर्थ है और कमजोर वर्गों को कई भुगतान करने में विफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोग चार महीने से सूखे से राहत का इंतजार कर रहे हैं। पांच महीने से पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है। गरीब लोग परेशान हैं। शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है, किसानों के पास बिजली नहीं है, और दूध उत्पादकों को 12 महीने से सब्सिडी का भुगतान नहीं मिला है।

उन्होंने राज्य सरकार पर वित्तीय संसाधनों की कमी के बावजूद घोषणाएं करने का आरोप लगाया।

अशोका ने कहा कि कांग्रेस पार्टी खोखली हो गई है। यह सिर्फ घोषणाओं की सरकार है, एक दिखावटी सरकार है।

वित्त विभाग द्वारा नई घोषणाओं पर जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता अशोक ने कहा कि विभाग ने राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धन के बिना वित्तीय प्रतिबद्धताएं करने की प्रथा पर सवाल उठाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऋण जुटाने के लिए संघर्ष कर रही है और दावा किया कि वित्त विभाग ने संकेत दिया है कि कर्नाटक आगे ऋण प्राप्त करने में सक्षम नहीं होगा।

अशोका ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सिद्धारमैया सरकार ने 22,000 करोड़ रुपए का घाटा छोड़ा था और 2 लाख करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं।

उन्होंने दावा किया कि परिवहन विभाग पर 5,000 करोड़ रुपए का बकाया है और बिजली क्षेत्र को सब्सिडी का भुगतान लंबित है।

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह मंगलुरु, बेंगलुरु और अन्य स्थानों पर घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन अपनी वित्तीय देनदारियों का समाधान नहीं कर रही है।

अशोका ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार समय पर पेंशन और सूखा राहत सहायता प्रदान करने में विफल रही है, लेकिन अन्य राजनीतिक खर्चों को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, लेकिन राहुल गांधी के एटीएम सही ढंग से और समय पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राज्य की वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद बड़ी-बड़ी घोषणाओं से लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी, विधायक और विधान परिषद सदस्य विरोध प्रदर्शन में उपस्थित थे।

--आईएएनएस

एमएस/