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कर्नाटक: ठुकराए प्रेमी की बढ़ती सनक और शक के कारण कार में बम धमाका; विस्फोटक के स्रोत की हो रही जांच

 

तुमाकुरु (कर्नाटक), 29 जून (आईएएनएस)। पुलिस उस सनसनीखेज मामले की जांच कर रही है, जिसमें एक व्यक्ति ने एक महिला का अपहरण किया और फिर टैक्सी के अंदर खुद के किए बम धमाके में मारा गया। जांच में पता चला है कि आरोपी को शक था कि महिला का किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध है, जिसके बाद वह उसे लेकर बहुत ज्‍यादा अधिकार जताने लगा था और सनकी हो गया था।

इस बीच, जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना में इस्तेमाल किया गया देसी बम नागेंद्र गौडा को कैसे मिला।

जांच के मुताबिक, नागेंद्र गौड़ा और महिला राम्या के बीच छह साल से रिश्ता था। पुलिस ने बताया कि नागेंद्र को राम्या पर शक होने के बाद उनके रिश्ते में खटास आने लगी, खासकर तब जब वह बेंगलुरु चली गई। उसे शक था कि राम्या का किसी और पुरुष के साथ संबंध है, जिसकी वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे।

जांचकर्ताओं ने बताया कि नागेंद्र अक्सर राम्या से मिलने जाता था और अपने शक को लेकर उससे सवाल-जवाब करता था। हर झगड़े के बाद, राम्या उसे यह भरोसा दिलाकर शांत कर देती थी कि वह भविष्य में उससे शादी करेगी, जिसके बाद वह घर लौट जाता था।

हालांकि, करीब दो साल पहले उनके रिश्ते में काफी खटास आ गई थी। जांच के दौरान महिला ने आरोप लगाया कि नागेंद्र बहुत ज्‍यादा पजेसिव हो गया था, अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और उससे शादी करने के लिए लगातार दबाव डालता था। पुलिस को शक है कि उसके इसी जुनूनी व्यवहार और रिश्ते के टूटने की वजह से ही उसने यह कदम उठाया।

इस बीच, जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नागेंद्र को घटना में इस्तेमाल किया गया देसी बम कैसे मिला। सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गिरीश के निर्देशों पर, पुलिस की कई टीमों ने विस्फोटक के स्रोत का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि एक आम आदमी को ऐसा विस्फोटक उपकरण कैसे मिल सकता है।

जांच के दौरान, जांचकर्ताओं को ऐसी जानकारी मिली है कि उत्तर कन्नड़ जिले के जंगली इलाकों जैसे कारवार, येल्लापुरा, हालियाल, जोइडा और डंडेली में कभी-कभी देसी बमों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या विस्फोटक इन्हीं इलाकों में से कहीं से लाया गया था।

विस्फोट में आरोपी का मोबाइल फोन पूरी तरह जल गया था, जिससे जांचकर्ताओं के लिए डिवाइस से डिजिटल सबूत निकालना मुश्किल हो गया।

नागेंद्र के पैतृक गांव के लोगों ने इस घटना पर हैरानी जताई। उन्होंने नागेंद्र को एक अंतर्मुखी व्यक्ति बताया जो ज्‍यादातर अपने में ही रहता था। ग्रामीणों के अनुसार, वह पहली बार लगभग छह साल पहले एक पारिवारिक समारोह में राम्या से मिला था और बाद में दोनों के बीच संबंध बन गए।

दोनों के बीच कुछ अनबन के बाद, राम्या पहले कारवार जिले में ही दूसरी जगह चली गई और बाद में बेंगलुरु चली गई। पुलिस ने बताया कि नागेंद्र ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर राम्या ने उससे शादी करने से इनकार किया तो वह अपनी जान दे देगा।

यह घटना 27 जून को तुमकुरु जिले के शिरा तालुक में जोगिहल्ली गांव के पास हुई थी। पुलिस के मुताबिक, नागेंद्र ने एक टैक्सी में राम्या का अपहरण किया और फिर गाड़ी के अंदर ही देसी बम फोड़ दिया। धमाके में नागेंद्र की मौत हो गई, लेकिन राम्या और ड्राइवर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

कल्लांबेला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है।

पिछले शनिवार को कर्नाटक के तुमकुरु जिले के कल्लांबेला पुलिस स्टेशन इलाके में नेशनल हाईवे-48 पर एक युवती के कथित अपहरण के बाद, एक प्रेमी ने कार के अंदर देसी बम फोड़कर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

युवती और कैब ड्राइवर धमाके में बाल-बाल बच गए, जबकि पुलिस को घटनास्थल से एक और जिंदा देसी बम मिला।

पुलिस के मुताबिक, अंकोला इलाके के रहने वाले नागेंद्र और राम्या पिछले करीब आठ साल से रिलेशनशिप में थे। बताया जाता है कि दोनों के बीच मतभेदों के कारण राम्या ने नागेंद्र का शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

पुलिस ने बताया कि नागेंद्र ने एक कैब किराए पर ली और बेंगलुरु में उस पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन पर पहुंचा जहां राम्या रह रही थी, और फिर जबरदस्ती उसे अपने साथ ले गया। इस घटना को देखने के बाद, राम्या की एक सहेली ने बेंगलुरु के सिद्धापुरा पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।

नेशनल हाईवे-48 पर यात्रा के दौरान दोनों के बीच बहस हुई, जिसमें नागेंद्र ने कथित तौर पर राम्या के साथ मारपीट की और उसके सिर पर वार किया। राम्या चलती गाड़ी से कूदने में कामयाब रही, जिसके बाद कैब ड्राइवर ने गाड़ी रोकी और उसकी मदद के लिए दौड़ा।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद नागेंद्र ने खुद को कार के अंदर बंद कर लिया और देसी बम फोड़ लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धमाके की जोरदार ताकत से गाड़ी पूरी तरह चकनाचूर हो गई।

कैब ड्राइवर की पहचान प्रवीण के तौर पर हुई है। उसने थोड़ा अलग बयान दिया है और पुलिस उसके बयानों की पुष्टि कर रही है। उसने पुलिस को बताया कि गाड़ी नागेंद्र के नाम पर उबर के जरिए बुक की गई थी।

उसने बताया कि कल्लांबेला पहुंचने तक सफर ठीक-ठाक रहा, लेकिन तभी उसे अंकोला से एक फोन कॉल आया, जिसमें बताया गया कि महिला का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है।

प्रवीण ने दावा किया कि बहस के दौरान नागेंद्र ने राम्या पर चाकू से हमला किया। उसने गाड़ी सड़क किनारे रोकी और महिला को वहां से गुजर रही एक मोटरसाइकिल पर भेजकर भागने में मदद की। उसके मुताबिक, राम्या ने चेतावनी दी थी कि नागेंद्र के पास बम हैं।

ड्राइवर ने जांचकर्ताओं को बताया कि जब वह कार के पास पहुंचा, तो नागेंद्र के हाथ में देसी बम था। उसने उससे एक विस्फोटक छीनकर दूर फेंक दिया। इसके बाद नागेंद्र ने दूसरा बम जलाया, जिससे जानलेवा धमाका हुआ।

पुलिस ने घटनास्थल से बिना फटा हुआ बम बरामद किया है और इस बात की जांच शुरू कर दी है कि नागेंद्र को विस्फोटक कहां से मिले।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम