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खामेनेई की हत्या पर जुलूस की अनुमति नहीं; विरोध कानूनी दायरे में ही हो: कर्नाटक के गृहमंत्री

 

बेंगलुरु, 4 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के विरोध में बेंगलुरु में जुलूस और प्रदर्शन मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह का विरोध-प्रदर्शन देश के मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर ही किया जाना चाहिए।

मीडिया से बातचीत में गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, “अल्पसंख्यक समुदाय का एक वर्ग अयातुल्ला खामेनेई को अपना आध्यात्मिक नेता मानता है। उनके निधन पर स्वाभाविक रूप से उन्हें दुख हुआ और उन्होंने शोक व्यक्त किया। लेकिन यह सब हमारे देश के कानूनी ढांचे के भीतर होना चाहिए। जुलूस निकालने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और हमने अनुमति नहीं दी।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद जुलूस निकाला गया, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में ऐसे जुलूसों की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि अदालत ने भी निर्देश दिया है कि कोई जुलूस नहीं निकाला जाए। यदि कोई विरोध करना चाहता है, तो वह बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कर सकता है। हम इन निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं और जुलूस निकालने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।”

परमेश्वर ने कहा, “बेंगलुरु में एसआईआर विरोध प्रदर्शन के दौरान भी हमने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जुलूस न निकालने की सलाह दी थी। उसी तरह अब भी हम कानून का सख्ती से पालन करवा रहे हैं।”

मध्य-पूर्व में फंसे कर्नाटक के लोगों के बारे में उन्होंने कहा, “कई लोग उस क्षेत्र से लौट चुके हैं। मंगलवार को दो उड़ानों से लोग पहुंचे। हमारे मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। केंद्र भी सभी भारतीयों को वापस लाने के लिए प्रयास और व्यवस्था कर रहा है। इस बीच वहां से लोगों को लाने के लिए उड़ानें संचालित करने की कोशिश की जा रही है।”

उन्होंने कहा, “संयुक्त अरब अमीरात में बड़ी संख्या में भारतीय बसे हुए हैं। अनुमान के अनुसार वहां एक करोड़ से अधिक भारतीय हैं। कई लोग वर्षों पहले गए थे, जबकि कुछ लोग एक सप्ताह या चार दिन के लिए गए थे। सभी इस समय फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने की जरूरत है। इस दिशा में प्रयास जारी हैं।”

परमेश्वर ने बताया कि भारतीय दूतावास वहां फंसे भारतीयों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।

इस बीच आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मध्य-पूर्व के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध के कारण बुधवार को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कुल 34 उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार 4 मार्च रात 11:59 बजे तक 18 आगमन और 16 प्रस्थान उड़ानें रद्द रहीं।

रद्द उड़ानों का असर मुख्य रूप से अबू धाबी, रियाद, जेद्दा, दम्माम, दुबई और दोहा सेक्टर पर पड़ा। यात्रियों को अपनी उड़ानों की ताजा जानकारी और सहायता के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

--आईएएनएस

डीएससी