नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपए बढ़ोतरी सही कदम, किसानों को नुकसान से बचाने के लिए लिया फैसला: सीएम शिवकुमार
बेंगलुरु, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को राज्य में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को उचित ठहराते हुए कहा कि यह निर्णय उन किसानों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए लिया गया है, जो पिछले कुछ वर्षों से कीमतों में संशोधन की मांग कर रहे थे।
कैबिनेट बैठक में नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपए की वृद्धि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “सरकार किसानों की मदद कर रही है। किसान हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से जनता पर बोझ पड़ेगा, तो उन्होंने सवाल किया, “किसानों के होने पर ही हम दूध पी सकते हैं। वरना क्या दूध पीना संभव है? हमारे मंत्री इस बारे में पहले ही बात कर चुके हैं, और इसमें कुछ और जोड़ने की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने कहा, “प्लास्टिक पैकेजिंग, डीजल और पेट्रोल समेत हर चीज की कीमतें बढ़ गई हैं। दूध के परिवहन की लागत भी बढ़ गई है। 12 से 15 रुपए तक कीमत बढ़ाने की मांग थी। हमने सभी से सलाह मशवरा करने के बाद यह फैसला लिया है।”
उन्होंने स्पष्ट किया, “लोग एक लीटर पानी के लिए 30-35 रुपए देते हैं। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की तुलना में हमारे राज्य में दूध की कीमत कम है। यहां कीमत कम थी, इसलिए दूध आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र को भी भेजा जा रहा था। इसे रोकना जरूरी था। तिरुपति नंदिनी घी खरीदते हैं। वे इसे स्थानीय स्तर पर भी खरीद सकते थे, लेकिन उन्हें नंदिनी पर भरोसा है। मैसूर पाक और अन्य उत्पादों के लिए नंदिनी घी की बहुत मांग है। इसके अलावा, सरकार द्वारा आर्थिक प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। सरकार ने यह निर्णय किसानों को हो रहे नुकसान के कारण लिया।”
उन्होंने कहा, “विधानसभा और विधान परिषद दोनों में सभी विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर दूध की कीमतों में वृद्धि की मांग की थी। चुनाव के कारण पहले निर्णय नहीं लिया जा सका। अब चुनाव समाप्त हो गए हैं, इसलिए निर्णय ले लिया गया है।”
बस किराए में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा, “परिवहन विभाग को भारी घाटा हुआ है और डीजल के लिए भी धन नहीं बचा है। सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दे रही है, इसलिए परिवहन विभाग को ही इस मामले पर निर्णय लेने के लिए कहा गया है।”
--आईएएनएस
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