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कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अलर्ट, ‘बंगाल जैसी स्थिति’ से बचना चाहती है सरकार

 

बेंगलुरु, 9 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को कहा कि राज्य में भी जल्द ही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और सरकार इस बात को लेकर सतर्क है कि पश्चिम बंगाल जैसी विवादित स्थिति यहां पैदा न हो।

मीडिया से बातचीत में परमेश्वर ने कहा, “हमारे राज्य में भी एसआईआर प्रक्रिया शुरू होगी। हमें बेहद सावधान रहने की जरूरत है। पश्चिम बंगाल में जो कुछ हुआ, वैसा कर्नाटक में नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस मुद्दे पर पहले ही बैठक कर चुके हैं। कुछ जगहों पर मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर काम अभी बाकी है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें शुक्रवार को एसआईआर से जुड़ी एक बैठक में बुलाया गया था, लेकिन अन्य कारणों से वह शामिल नहीं हो सके। परमेश्वर ने कहा, “पश्चिम बंगाल में कई लोग दावा करते हैं कि कथित एसआईआर गड़बड़ी के कारण सरकार सत्ता से बाहर हुई। विश्लेषकों का कहना है कि इसी वजह से भाजपा करीब 5,000 वोटों के अंतर से लगभग 100 सीटें जीतने में सफल रही।”

उन्होंने कहा, “कर्नाटक में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। आने वाले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।”

गृह मंत्री ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे प्रक्रिया की निगरानी करें और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा, “मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखने को कहा गया है। पार्टी ने सभी जरूरी दिशा-निर्देश बीएलए तक पहुंचा दिए हैं।”

इस दौरान परमेश्वर ने तुमकुरु में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रम की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के जरिए पहानी खाता, संपत्ति दस्तावेज और राजस्व गांव रिकॉर्ड से जुड़े कई फैसले लिए गए हैं, जिससे लाखों लोगों को जमीन के रिकॉर्ड उनके नाम पर मिले हैं।

उन्होंने कहा, “इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए 1.40 लाख लोगों को संपत्ति दस्तावेज वितरित किए जाएंगे। यह कर्नाटक सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।”

परमेश्वर ने कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने का कार्यक्रम 20 मई को आयोजित किया जाएगा, क्योंकि इसी दिन सरकार का गठन हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में किए गए 50 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर दिए हैं।

कैबिनेट फेरबदल की अटकलों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “यह पार्टी हाईकमान का फैसला है। मैं यह बात पहले भी कई बार कह चुका हूं।”

--आईएएनएस

डीएससी