एसआईआर को लेकर कांग्रेस का जागरूकता अभियान शुरू, डीके शिवकुमार बोले- किसी का वोट अधिकार नहीं छिनना चाहिए
बेंगलुरु, 25 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बीच नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
देवनहल्ली में आयोजित ‘कांग्रेस नाडे, मता रक्षणे कड़े’ (वोट संरक्षण के लिए कांग्रेस मार्च) कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि किसी भी नागरिक का मतदान का अधिकार नहीं छिनना चाहिए।
उन्होंने कहा, “किसी को भी वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लोगों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और उनके वोट की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”
शिवकुमार ने लोगों से मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने की अपील की और चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित कर रहे हैं, जिन्हें जरूरी दस्तावेजों के साथ भरकर जमा करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, “लोग इस भ्रम को दूर करें कि यह कोई मैपिंग प्रक्रिया है। बीएलओ द्वारा दिए गए गणना फॉर्म को भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ चुनाव अधिकारियों को जमा करना होगा। इस काम के लिए हमारे कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।”
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “बीएलओ को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर व्यक्ति के मतदान अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।”
शिवकुमार ने अभियान से जुड़ी बैठक में अनुपस्थित रहने वाले पार्टी पदाधिकारियों और अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा, “मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया गया है कि वे अन्य सभी काम छोड़कर इस अभियान पर ध्यान दें। जो पदाधिकारी आज की बैठक में शामिल नहीं हुए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संगठन में रुचि नहीं दिखाने वालों को पद से हटाया जाएगा।”
एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के सवाल पर शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का मुख्य फोकस आंदोलन नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाने पर रहेगा।
उन्होंने कहा, “एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय हम लोगों को इसके बारे में जागरूक करने पर ध्यान देंगे।”
--आईएएनएस
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