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कर्नाटक : मंत्रियों ने कुमारस्वामी के आरोपों का दिया जवाब, सीएम शिवकुमार की संपत्ति का किया बचाव

 

बेंगलुरु, 30 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री एचसी बालकृष्ण और प्रियांक खड़गे ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के उन आरोपों का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की संपत्ति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कुमारस्वामी के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके भाई की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी पर सवाल खड़े किए थे।

कुमारस्वामी ने मंगलवार को बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (एनआईसीई) प्रोजेक्ट से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया और सीएम शिवकुमार की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी संपत्ति कानूनी तरीके से बनाई गई है और इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दी गई है।

कुमारस्वामी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्टर एच.सी. बालकृष्ण ने बुधवार को सवाल किया कि केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के भाई बालकृष्ण गौड़ा की संपत्ति कैसे बढ़कर लगभग 1,000 करोड़ रुपए हो गई।

मंत्री बालकृष्ण ने पूछा, "उनकी संपत्ति अचानक 1,000 करोड़ रुपए कैसे हो गई? उन्हें यह बताना चाहिए। क्या उन्होंने आलू उगाकर 1,000 करोड़ रुपए कमाए।" उन्होंने सवाल किया कि क्या कुमारस्वामी अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अपने भाई की संपत्ति में हुई कथित बढ़ोतरी की जांच की मांग करेंगे।

बालकृष्ण ने पूछा, "यह तब हुआ जब कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे। उनके कार्यकाल के दौरान उनके भाई की संपत्ति में अचानक 1,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। क्या इसका मतलब यह है कि यह संपत्ति कुमारस्वामी की बेनामी संपत्ति है।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को इन आरोपों से परेशान होने की कोई वजह नहीं है और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसी जांच एजेंसियां ​​इस मामले की जांच कर सकती हैं।

उन्होंने कहा, "हम ब्लैकमेलर नहीं हैं। हमें काम करना है। हमें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। ईडी और आयकर इस मामले को देख लेंगे। हम चुनाव के दौरान हलफनामे के जरिए अपने दस्तावेज जमा करते हैं और वे उनकी जांच कर सकते हैं।"

बालकृष्ण ने सवाल किया कि क्या कुमारस्वामी ने कोई नई बात उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बजाय एक बार फिर पुराने दस्तावेजों का जिक्र कर रहे हैं।

राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी कुमारस्वामी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 'ईर्ष्या और जलन' का कोई इलाज नहीं है और उन पर बार-बार निजी मुद्दों और संपत्ति से जुड़े सवाल उठाने का आरोप लगाया। खड़गे ने पूछा, "कुमारस्वामी केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। उनके पास दो दशक का समय था। जब वे मुख्यमंत्री थे, तब भी उनके पास समय था। उन्होंने तब ऐसा क्यों नहीं किया?"

प्रियांक खड़गे ने भाजपा और जेडीएस नेताओं को चुनौती दी कि वे राजनेताओं और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति पर विस्तार से चर्चा करें।

उन्होंने कहा, "आइए एक विशेष सत्र बुलाएं और चर्चा करें कि किसने कितनी संपत्ति जमा की है, आपकी और आपके रिश्तेदारों की कितनी संपत्ति है, वह कैसे आई और सीएम शिवकुमार की संपत्ति कैसे आई और हमारी संपत्ति क्या है। लोगों को सब कुछ पता चलना चाहिए।"

प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक के विकास कार्यों और किसानों के मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर भी कुमारस्वामी से सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ भी गैरकानूनी लगता है, तो उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सबूत सौंपने चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा और जेडीएस ने राज्य से जुड़े मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत आरोपों और संपत्ति के मामलों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है।

यह बयानबाजी एनआईसीई प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी और सीएम डीके शिवकुमार के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच हुई है।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम