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कर्नाटक: सीएम ने एसआईआर को लेकर सतर्क रहने और मतदान अधिकारों की रक्षा करने का किया आग्रह

 

बेंगलुरु, 26 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को अल्पसंख्यक समुदायों से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सतर्क रहने और अपने मतदान अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया।

शिवकुमार ने बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में कर्नाटक पर्व 2026 कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद कहा कि कार्यक्रम का विषय 'विविधता में एकता और कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भरता' था।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में विविध खान-पान की परंपराएं और सांस्कृतिक प्रथाएं हैं। शिवकुमार ने कहा, "अल्पसंख्यक सशक्तिकरण कर्नाटक के समग्र विकास का एक हिस्सा है। विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य एकता प्रदर्शित करने के लिए इस कार्यक्रम में एक साथ आए हैं।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विविधता में एकता के सिद्धांत पर स्वतंत्रता संग्राम लड़ा था और कर्नाटक पर्व को राज्य भर के लोगों के लिए एक अवसर बताया।

सीएम शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों को संरक्षण और अवसर प्रदान करने के लिए सिद्दारमैया सरकार के दौरान शुरू किए गए कार्यक्रमों को जारी रखा है। उन्‍होंने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय के तीन सदस्यों को मंत्री नियुक्त किया गया है और एक को विधान परिषद का अध्यक्ष चुना गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि 25 से अधिक लोगों को विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि कलबुर्गी दरगाह के एक प्रमुख नेता को वक्फ बोर्ड में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों से राज्य के विभिन्न हिस्सों से अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को अवसर मिले हैं।

शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यक युवाओं में शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, “युवाओं को सतर्क रहना चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है, और हम इसके खिलाफ लड़ रहे हैं।”

उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों से अपने मतदान के अधिकार की रक्षा करने का आग्रह करते हुए कहा, “मतदान का आपका अधिकार आपके जीवन का अधिकार है। इसकी रक्षा करें।”

शिवकुमार ने यह भी कहा कि उन्होंने बायलाकुप्पे के बौद्ध समुदाय और कर्नाटक के सभी समुदायों के सदस्यों को इस वर्ष के मैसूर दशहरा समारोह में आमंत्रित किया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए, उद्यमी बनना चाहिए और रोजगार पैदा करना चाहिए। हम आपके जीवन को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार की गारंटी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है और दावा किया कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष 12 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है।”

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी