कर्नाटक: भाजपा ने सीएम शिवकुमार से 'दो विवाह' वाले बयान पर स्पष्टीकरण मांगा
बेंगलुरु, 26 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद में नेता विपक्ष चलवाडी नारायणस्वामी ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में रहने वाले विधायकों के दो विवाह होने के दावे से उनमें असंतोष पैदा किया है। उन्होंने संदेह दूर करने के लिए दो पत्नियां रखने वाले विधायकों की सूची जारी करने की मांग की।
नारायणस्वामी ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिवकुमार के बयान से विधायकों के प्रति उनके निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों में संदेह पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा, “जब से मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुछ विधायकों ने दो बार शादी की है, तब से उनके घरों में आग लग गई है। लोग अब उन्हें शक की नजरों से देख रहे हैं और विधायकों की मानसिक शांति भंग हो गई है। अगर मुख्यमंत्री दो बार शादी करने वालों की सूची जारी कर दें, तो सच्चाई सामने आ जाएगी और संदेह भी दूर हो जाएगा।”
शिवकुमार की टिप्पणी की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री के पद पर आसीन व्यक्ति विधानसभा में ऐसा बयान दे सकता है? उन्होंने कहा कि सभी 224 कांग्रेस विधायकों को मुख्यमंत्री की टिप्पणी का विरोध करना चाहिए था।
विधानसभा में शिवकुमार के इस बयान ने कि राज्य के अन्य हिस्सों से बेंगलुरु आए कई विधायकों ने दो बार शादी की है, लोगों में जिज्ञासा जगा दी।
विपक्ष के नेता आर. अशोक और भाजपा विधायक एस. सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री से उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की जिनका वे जिक्र कर रहे थे।
इस बीच, नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री से पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा, भाजपा विधायक सीटी रवि, बसनागौड़ा पाटिल यतनाल और कई अन्य नेताओं को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया। यह आग्रह चिक्कबल्लापुर में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद किया गया, जिन पर प्रमुख राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की योजना का आरोप है।
उन्होंने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
नारायणस्वामी ने कहा कि प्रताप सिम्हा ने गणेश प्रतिमा जुलूस के दौरान एक पुलिस अधिकारी के आचरण का विरोध किया था और निलिशाल घटना के बारे में भी बात की थी।
उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि पूर्व सांसद के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। दलित समुदाय के सदस्यों से इस मुद्दे को न बढ़ाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
उन्होंने सभी पक्षों से मामले को भुलाकर सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की भी आलोचना की।
नारायणस्वामी ने कहा कि कांग्रेस को मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के बजाय लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन देश में अराजकता पैदा कर रहे हैं।
स्नातकों और शिक्षकों के दो निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले आगामी विधान परिषद चुनावों के बारे में पूछे जाने पर नारायणस्वामी ने कहा कि एनडीए ने तैयारियों के तहत चुनावों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई है।
--आईएएनएस
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