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देवगौड़ा के राज्यसभा नामांकन विवाद पर विजयेंद्र का कांग्रेस पर पलटवार, नैतिक अधिकार पर उठाए सवाल

 

बेंगलुरु, 8 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा को कथित तौर पर राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना का जवाब देते हुए पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गठबंधन राजनीति पर टिप्पणी करने का कांग्रेस के पास कोई "नैतिक अधिकार" नहीं है।

विजयेंद्र ने कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को गठबंधन की राजनीति पर बोलने से पहले अपने आचरण पर नजर डालनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार का जश्न मनाया था। विजयेंद्र ने दावा किया कि कुछ जगहों पर कांग्रेस मुख्यालय में भाजपा कार्यालयों से भी अधिक उत्साह के साथ जश्न मनाया गया।

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता और मंत्री पद हासिल करने के लिए रातोंरात अपने राजनीतिक समीकरण बदले और गठबंधन के मामलों में हमेशा दोहरा रवैया अपनाया है।

उन्होंने विपक्षी गठबंधन इंडी गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास को देखते हुए उसके सहयोगी दलों को उसके व्यवहार के बारे में पहले से जानकारी होनी चाहिए थी।

देवगौड़ा के मुद्दे पर विजयेंद्र ने कहा कि उनके साथ कैसा व्यवहार हुआ, इसका सबसे प्रामाणिक विवरण खुद देवगौड़ा ही दे सकते हैं। उन्होंने सुरजेवाला को सलाह दी कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे गए देवगौड़ा के खुले पत्र को पढ़ें, जिसमें उन्होंने कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख किया था।

विजयेंद्र ने 2019 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने ही उस समय के घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी दी थी। उन्होंने विधायक राजन्ना के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें यह बताया गया था कि किन परिस्थितियों में देवगौड़ा चुनाव हार गए थे।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अतीत में भी वरिष्ठ नेताओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों देवराज उर्स और वीरेंद्र पाटिल के साथ हुए कथित व्यवहार का उदाहरण दिया।

विजयेंद्र ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए के राज्यसभा नामांकन पर टिप्पणी करने के बजाय कांग्रेस को मंत्रिमंडल में पदों और विभागों को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गुटबाजी का असर राज्य के प्रशासन और शासन पर पड़ रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को सुरजेवाला ने पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा को राज्यसभा का टिकट नहीं दिए जाने की खबरों को "चौंकाने वाला और आंखें खोलने वाला" करार देते हुए भाजपा और जेडी(एस) नेतृत्व की आलोचना की थी।

वहीं, केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए सुरजेवाला को "वसूलीवाला" बताया था।

--आईएएनएस

डीएससी