जम्मू-कश्मीर: नियमों के उल्लंघन पर बिजबेहारा में मिल्क यूनिट का लाइसेंस निलंबित
श्रीनगर, 1 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहारा कस्बे में एक दूध यूनिट का लाइसेंस शुक्रवार को नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिया गया। इस सबंध में एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया है कि बिजबेहारा के सेमथन में चल रही एक दूध कलेक्शन यूनिट का लाइसेंस तब निलंबित किया गया, जब एक वीडियो सामने आया जिसमें दूध को असुरक्षित तरीके से संभालते हुए दिखाया गया था और इसके बाद किए गए निरीक्षण में कई नियमों का उल्लंघन पाया गया।
सहायक आयुक्त और नामित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा, अनंतनाग द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिलने के बाद की गई। इस वीडियो में बल्क मिल्क कूलर (जेकेएमपीसीएल) नामक फर्म का एक कर्मचारी अपनी जीभ से दूध चखते हुए और फिर बचे हुए दूध को उन कंटेनरों में वापस डालते हुए दिखाया गया था, जो आम लोगों के उपभोग के लिए रखे गए थे।
आदेश में कहा गया है कि इस वीडियो के आधार पर एक अधिकृत खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 29 अप्रैल को परिसर का निरीक्षण किया ताकि कानून के संबंधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण रिपोर्ट में कई कमियों को उजागर किया गया और लाइसेंस को निलंबित करने की सिफारिश की गई।
रिकॉर्ड किए गए उल्लंघनों में दूध भंडारण और कूलर अनुभाग में डीजल और सफाई एजेंटों सहित रसायनों का भंडारण, दूध को संभालने में गैर-खाद्य-ग्रेड प्लास्टिक कंटेनरों का उपयोग, बिना ढक्कन या कवर वाले पानी के भंडारण टैंक, और सुविधा में उचित स्वच्छता प्रथाओं की कमी शामिल थी।
आदेश में कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में उच्च जोखिम वाले खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण और भंडारण, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की अनुसूची चार का उल्लंघन माना जाता है और यह जनस्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए नामित अधिकारी ने यूनिट का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है।
ऑपरेटर को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह अगले निर्देशों तक उक्त परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की गतिविधि न करे।
कश्मीर में अधिकारी दवाओं, खाद्य पदार्थों आदि जैसी आवश्यक वस्तुओं का कारोबार करने वाली कई संस्थाओं का खाद्य सुरक्षा ऑडिट कर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
--आईएएनएस
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