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सकीना इट्टू और सज्जाद लोन ने एम्स अवंतीपोरा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के लिए महबूबा मुफ्ती की आलोचना की

 

श्रीनगर, 6 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू और मौजूदा विधायक सज्जाद लोन ने पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की आलोचना की है। उन्होंने अनंतनाग जिले के अवंतीपोरा शहर में एम्स के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी।

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने एम्स अवंतीपोरा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के मुफ्ती के फैसले पर सवाल उठाए। सकीना इट्टू ने एक्स पोस्ट पर कहा कि कुछ लोग शायद 'राजनीतिक भूलने की बीमारी' से पीड़ित हैं, वे ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे अभी भी सत्ता में हों, जबकि 2018 में सत्ता गंवाने के बाद जनता ने उन्हें बार-बार नकार दिया है।

उन्होंने कहा कि आज चुनी हुई सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कर रहे हैं और सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री किस हैसियत से एम्स अवंतीपोरा प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रही थीं?

उन्होंने पूछा कि दिल्ली में कौन सा सत्ता केंद्र ऐसे कामों के लिए निर्देश दे रहा है?

इट्टू ने कहा कि यह विडंबना है कि जो लोग एम्स प्रोजेक्ट की धीमी गति के लिए जिम्मेदार थे, वे अब इसकी प्रगति का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार की केंद्रित कोशिशों, निगरानी और प्रतिबद्धता के कारण ही यह प्रोजेक्ट पूरा होने की ओर बढ़ रहा है।

सज्जाद लोन ने भी एक्स पोस्ट पर महबूबा मुफ्ती की आलोचना की और विधायक न होने के बावजूद एक केंद्रीय संस्थान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के उनके अधिकार पर सवाल उठाए।

उन्होंने तर्क दिया कि अगर वह ऐसा कर सकती हैं, तो संघ या भाजपा के गैर-विधायक पदाधिकारी भी इसी तरह के अधिकारों का दावा कर सकते हैं, क्योंकि उनका प्रतिनिधित्व ज्यादा है। उन्होंने पूछा कि फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद या निर्मल सिंह जैसे नेताओं को ऐसी बैठकों की अध्यक्षता करने से क्या चीज रोकती है और क्या भारत में कहीं और ऐसा राजनीतिक अधिकार मौजूद हैं?

लोन ने कहा कि महबूबा मुफ्ती ने शायद कश्मीर में ऐसी बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए गैर-निर्वाचित और राजनीतिक रूप से अवांछित लोगों के लिए दरवाजा खोल दिया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया और कहा कि यह घटना संवैधानिक रूप से अनुचित है।

लोन ने कहा कि महबूबा मुफ्ती का यह कदम असंवैधानिक दखलंदाजी है।

बताते चलें कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अवंतीपोरा शहर में एम्स को लेकर एक्स पोस्ट पर बताया था कि मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की और उनसे एम्स अवंतीपोरा में चल रहे काम में तेजी लाने का अनुरोध किया ताकि इसमें और देरी न हो। उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया कि काम समय पर पूरा हो जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम