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जम्मू-कश्मीर: राज्य सरकार ने लागू की कामन डस्ट पॉलिसी, अब बार-बार नहीं होगी खुदाई

 

श्रीनगर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। उमर अब्दुल्ला सरकार ने सोमवार को 'जम्मू-कश्मीर कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' को अधिसूचित किया है। इसके तहत बिजली, पानी, टेलीकॉम, गैस और डिजिटल नेटवर्क के लिए साझा यूटिलिटी कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "जम्मू-कश्मीर में आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर यूटिलिटी मैनेजमेंट और साफ-सुथरे शहर के नजारों की दिशा में एक बड़ा कदम। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की मंजूरी के बाद, सरकार ने 'जम्मू और कश्मीर कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' को नोटिफाई किया है। यह पॉलिसी बिजली, पानी, टेलीकॉम, गैस और डिजिटल नेटवर्क के लिए शेयर्ड यूटिलिटी कॉरिडोर का एक फ्रेमवर्क बनाएगी।"

इसमें कहा गया है, "यह पॉलिसी नई सड़कों में डक्ट इंटीग्रेशन को जरूरी बनाएगी और इसमें कई चीजों का प्रावधान है, जैसे कि चरणों में रेट्रोफिटिंग, सिंगल-विंडो 'राइट ऑफ वे' मंजूरी, लागत-साझाकरण की व्यवस्था और 'कॉल बिफोर यू डिग' प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल एसेट मैपिंग।"

पोस्ट में कहा गया है कि इन उपायों से बार-बार सड़क खोदने से बचा जा सकेगा, सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा होगी, यूटिलिटी ऑपरेशन और रखरखाव की लागत कम होगी, अव्यवस्था कम होगी और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में नियोजित शहरी विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

'कॉमन डक्ट पॉलिसी' एक ही एकीकृत ढांचे के भीतर कई सेवाओं (बिजली के तार, टेलीकॉम/फाइबर लाइन, पानी के पाइप, गैस पाइपलाइन और सीवेज सिस्टम) को रखने के लिए शेयर्ड अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर (कंड्यूट, डक्ट और केबल पाथवे) बनाएगा।

इस पॉलिसी से बार-बार सड़कों की खुदाई पर रोक लग जाएगी। यह कई प्रोवाइडर्स के बीच सिविल कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर को साझा करके पूंजी और परिचालन खर्च को भी कम करती है। पॉलिसी यह अनिवार्य करती है कि शेयर्ड डक्ट पारदर्शी, गैर-विशिष्ट और गैर-भेदभावपूर्ण आधार पर उपलब्ध कराए जाएं।

'राइट ऑफ वे' (आरओडब्ल्यू) नियमों जैसे, नियमों के तहत केंद्र और राज्य प्राधिकरण रैखिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (जैसे हाईवे, रेलवे और स्मार्ट सिटी) में कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर को प्रोत्साहित या अनिवार्य करते हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने शहरी, औद्योगिक और आवास परियोजनाओं के लिए डिजाइन के चरण में ही अंडरग्राउंड यूटिलिटी प्लानिंग को एकीकृत करने और साथ ही ज्यादा ट्रैफिक वाली मौजूदा सड़कों की चरणबद्ध रेट्रोफिटिंग की रूपरेखा तैयार करने के लिए 'कॉमन डक्ट पॉलिसी, 2026' (सरकारी आदेश संख्या 199-जेके(एचयूडी) 2026 के माध्यम से) को नोटिफाई किया है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम