राजस्थान पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, ड्रग तस्कर की 2.52 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज
जयपुर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में झालावाड़ पुलिस ने 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट' के प्रावधानों के तहत कथित नशीले पदार्थों के तस्कर लियाकत खान की 2.52 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है।
'ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0' के तहत की गई इस कार्रवाई का मकसद उन संपत्तियों को निशाना बनाना है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें नशीले पदार्थों के व्यापार से हुई कमाई से हासिल किया गया है। इस संपत्ति को फ्रीज करने की मंजूरी, अधिनियम की धारा 68-एफ के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी गई है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि इस कार्रवाई से यह सुनिश्चित होता है कि आरोपी और उसके सहयोगी अब इन अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य नशीले पदार्थों के नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है।
जब्त की गई संपत्तियों में दो आवासीय संपत्तियां शामिल हैं, जिनका कुल अनुमानित बाजार मूल्य 2,52,47,960 रुपए है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की संपत्तियों का एक विस्तृत डेटाबेस 'मोडस ऑपरेंडी ब्यूरो' शाखा द्वारा तैयार किया गया था।
इस प्रक्रिया में सत्यापन और मूल्यांकन के लिए राजस्व और लोक निर्माण विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। यह पूरी प्रक्रिया जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चाचुरनी के रहने वाले लियाकत खान के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
पिछले ऑपरेशनों में अधिकारियों ने 3,123 किलोग्राम डोडा चूरा और अफीम जब्त की थी, जिसकी अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय कीमत 4.83 करोड़ रुपए थी। इसके साथ-साथ एक ट्रेलर ट्रक (38 लाख रुपए) और एक बुलेट मोटरसाइकिल (2 लाख रुपए) भी जब्त की गई थी।
पुलिस ने इस कार्रवाई को एक आर्थिक प्रहार बताया, जिसका उद्देश्य संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क को कमजोर करना है। अधिकारियों ने कहा कि जहां पहले के प्रयासों का मुख्य जोर गिरफ्तारियों पर था, वहीं जनवरी 2026 में शुरू किया गया 'ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0' नशीले पदार्थों की तस्करी की वित्तीय जड़ों को निशाना बनाता है।
अधिकारियों ने कहा कि इससे एक स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध संपत्ति को आपराधिक नेटवर्कों को बनाए रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह कार्रवाई असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हेमंत शर्मा, हेड कांस्टेबल पिंकू मरोठा, कांस्टेबल विकेश कुमार शर्मा (साइबर पुलिस) और कांस्टेबल नितेश यादव की एक टीम द्वारा की गई।
--आईएएनएस
पीएसके