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भाजपा से जुड़े ट्रस्टी वाले स्कूल का नाम उजागर करने पर मेरे खिलाफ केस दर्ज किया गया: सौरभ भारद्वाज

 

नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें उन पर यौन उत्पीड़न की शिकार एक नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ यह मामला उस स्कूल का नाम बताने के लिए दर्ज किया गया था, जहां यह घटना हुई थी, क्योंकि उस संस्थान के ट्रस्टियों के भारतीय जनता पार्टी से संबंध थे।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को आप नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आईएएनएस से ​​बात करते हुए भारद्वाज ने कहा कि मैंने न तो पीड़िता का नाम बताया है और न ही उसके माता-पिता का नाम बताया। मुझे तो उनके नाम भी नहीं पता। स्कूल का नाम बताने की वजह से मेरे खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ तीन केस दर्ज किए गए हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि हम तीन साल की बच्ची के साथ हुए रेप का मुद्दा उठा रहे हैं। यह वही केस है जिसमें डीसीपी बच्ची के माता-पिता को बुलाकर परेशान करते हैं। यह वही केस है जिसमें एसएचओ सुबह से शाम तक बच्ची के माता-पिता को परेशान करते हैं। यह वही केस है जिसमें बच्ची ने आरोपियों की पहचान की थी।

57 साल के केयरटेकर (मुख्य आरोपी) और एक महिला क्लास टीचर का जिक्र करते हुए आप नेता ने कहा कि दोनों आरोपियों को पांच दिन के अंदर ही जमानत मिल गई।

भारद्वाज ने यह आरोप भी लगाया कि कई भाजपा नेताओं के जान-पहचान वाले लोग ही संबंधित 'एसएस मोता सिंह स्कूल' के बोर्ड में ट्रस्टी हैं। ऐसा क्यों किया गया है। इस स्कूल से उनका क्या लेना-देना है?

उन्होंने कहा कि वे (भाजपा) स्कूल की इज्जत बचाना चाहते हैं ताकि उसकी साख पर कोई दाग न लगे। उस स्कूल में पढ़ने वालों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि क्या सरकार या पुलिस ने उनके बारे में कुछ सोचा है।

भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के जनकपुरी स्थित एसएस मोता सिंह स्कूल में एक 3 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस और केंद्र सरकार आरोपियों को सजा देने के बजाय इस पूरे मामले को दबाने में लगी हुई है।

आप नेता ने दावा किया कि भाजपा सरकार उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है जो 3 साल की पीड़िता के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर रेप के आरोपी और एसएस मोटा सिंह स्कूल के मैनेजमेंट की मदद कर रही है। आरोपी के रिश्तेदार और स्कूल का स्टाफ पीड़िता की बदनामी करने के लिए वीडियो बना रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी