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सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार पर केंद्र सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने का आरोप लगाया

 

चंडीगढ़, 26 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर केंद्र सरकार की एक योजना का श्रेय लेकर और जनता के पैसे को विज्ञापनों पर खर्च करके अपने कथित वित्तीय कुप्रबंधन को छिपाने का आरोप लगाया।

मीडिया को संबोधित करते हुए जाखड़ ने अनुसूचित जाति की अधिक आबादी वाले गांवों के लिए 750 करोड़ रुपए की योजना के प्रचार में प्रकाशित समाचार पत्रों के विज्ञापनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों में योजना को गलत तरीके से राज्य सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश किया गया है।

जाखड़ ने दावा किया कि यह धनराशि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) के तहत दी जा रही है, जिसे उन्होंने 100 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना बताया। उनके अनुसार, केंद्र सरकार पूरी लागत वहन करती है, पंजाब सरकार से किसी भी प्रकार का वित्तीय योगदान अपेक्षित नहीं है।

उन्होंने बताया कि यह योजना 2020-21 से अपने मौजूदा स्वरूप में चल रही है और उन गांवों को विकास अनुदान प्रदान करती है जहां अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है। केंद्र सरकार ने पंजाब में इस योजना के लिए 3,763 गांवों की पहचान की थी। 1,200 गांवों के लिए धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है और शेष गांवों को भी जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले बड़े-बड़े अखबारों में विज्ञापन दिखाते हुए जाखड़ ने राज्य सरकार पर केंद्र द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम का श्रेय लेने के लिए सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्राम विकास के लिए स्वयं कोई तुलनीय पहल नहीं की है और इसके बजाय विज्ञापनों के माध्यम से अपनी छवि को बढ़ावा दिया है।

जाखड़ ने राज्य सरकार से तत्काल माफी मांगने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस बात की जांच करेगी कि पहले जारी की गई धनराशि लक्षित गांवों तक पहुंची है या लाभार्थियों तक पहुंचने से पहले कोई पैसा विज्ञापन में लगाया गया है।

जाखड़ ने राज्य सरकार की मावन ध्यान सत्कार योजना की आलोचना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम नशीली दवाओं से होने वाली मौतों से प्रभावित परिवारों की महिलाओं की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माताएं और बेटियां नशीली दवाओं के कारण मरने वाले बेटों और भाइयों के लिए न्याय की गुहार लगाने सरकार के पास आ रही हैं, लेकिन उन्हें इसके बजाय 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि सरकार महिलाओं का सम्मान करने के बजाय उनका अपमान कर रही है और उन्होंने इस योजना का नाम बदलकर 'मां और पुत्रियों का अपमान योजना' रखने का सुझाव दिया।

--आईएएनएस

एमएस/