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ज्वालामुखी व‍िस्‍फोट के बाद फैली राख, जकार्ता एयरपोर्ट पर उड़ानें हुईं प्रभाव‍ित

 

जकार्ता, 6 सितंबर (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के जकार्ता के पास स्थित सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को रविवार तड़के कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा क्योंकि माउंट अनाक क्राकाटाउ ज्वालामुखी के विस्फोट से निकली राख हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में पहुंच गई थी। परिवहन मंत्रालय ने बताया कि इससे दर्जनों उड़ानें प्रभावित हुईं।

मंत्रालय के नागरिक उड्डयन महानिदेशक लुकमैन एफ. लैसा ने कहा कि इस व्यवधान का असर इंडोनेशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा।

कुल 16 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, सात उड़ानों में देरी हुई और पांच को नए समय पर निर्धारित किया गया। प्रभावित मार्गों में सिंगापुर, हांगकांग, सिडनी, सियोल, दोहा, एम्स्टर्डम और कुआलालंपुर शामिल हैं।

घरेलू उड़ानों की बात करें तो चार उड़ानें रद्द की गईं और एक का मार्ग बदलना पड़ा। इससे लैम्पुंग, डेनपासार और सुराबाया जैसे मार्ग प्रभावित हुए।

लुकमैन ने कहा कि विमानन अधिकारी लगातार माउंट अनाक क्राकाटाउ की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। साथ ही, एयरलाइंस, हवाई अड्डा संचालकों, हवाई यातायात सेवा प्रदाताओं और मौसम विभाग के साथ मिलकर काम किया जा रहा है ताकि ज्वालामुखीय राख की स्थिति के अनुसार उड़ानों का संचालन तय किया जा सके।

इससे पहले सोमवार को इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत में स्थित माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में भी विस्फोट हुआ था, जिससे राख पास के बेरास्तागी शहर तक फैल गई थी।

सिनाबुंग ज्वालामुखी निगरानी केंद्र के प्रमुख आर्मेन पुत्रा ने बताया कि गहरे रंग की घनी राख का एक बड़ा गुबार ज्वालामुखी की चोटी से लगभग 3,500 मीटर ऊपर तक उठा और फिर पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व दिशा में फैल गया।

यह विस्फोट सिस्मोग्राम में दर्ज किया गया, जिसकी अधिकतम तीव्रता 120 मिलीमीटर थी और यह करीब एक घंटे तक चला। राख की मोटी परत बेरास्तागी शहर की सड़कों और वाहनों पर जम गई, जिससे इलाके में दृश्यता काफी कम हो गई।

अधिकारियों ने लोगों से मास्क पहनने और सतर्क रहने की अपील की। वहीं प्रभावित इलाकों के स्कूलों ने छात्रों और शिक्षकों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी।

माउंट सिनाबुंग फिलहाल लेवल-टू (अलर्ट) स्थिति में है। ज्वालामुखी की चोटी के तीन किलोमीटर के दायरे में और दक्षिण-पूर्व दिशा में 4.5 किलोमीटर तक किसी भी गतिविधि पर रोक है। इसके अलावा ज्वालामुखी से निकलने वाली नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को संभावित लाहार प्रवाह (राख, मिट्टी और पानी के मिश्रण से बनने वाली तेज बहाव वाली धारा) को लेकर भी चेतावनी दी गई है।

इस साल मई में इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकु प्रांत में स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी के विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

माउंट डुकोनो में 8 मई को सुबह करीब 7:40 बजे स्थानीय समयानुसार विस्फोट हुआ था, जिससे ज्वालामुखीय राख का एक विशाल गुबार लगभग 10 किलोमीटर ऊंचाई तक आसमान में पहुंच गया था।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम