राजस्थान: पूर्णिमा विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से कूदकर एमबीए छात्रा की मौत
जयपुर, 31 अक्टूबर (आईएएनएस। शनिवार को जयपुर के पूर्णिमा विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से कूदकर एक 23 वर्षीय एमबीए छात्रा की मौत हो गई। छात्रा की पहचान यशस्वी रोहिल्ला के रूप में हुई है, जो एमबीए के दूसरे वर्ष में पढ़ रही थी और हाल ही में उसे नौकरी मिली थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जयपुर के गुर्जर की थाड़ी इलाके के प्रेम नगर की निवासी यशस्वी घटना से कुछ ही समय पहले अपने सहपाठियों के साथ खुशी-खुशी बातचीत कर रही थी।
बताया जाता है कि वह वॉशरूम जाने के बहाने कक्षा से निकली, फोन पर बात की और थोड़ी देर बाद अपना मोबाइल फोन कक्षा में छोड़कर छत की ओर चली गई। कुछ छात्रों ने उसे छत पर देखा और उसे रोकने के लिए दौड़े।
हालांकि, वे समय पर उस तक नहीं पहुंच सके और वह छठी मंजिल से गिर गई। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने उसे तुरंत आपातकालीन वाहन से महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शिवदासपुरा पुलिस ने उसका बैग और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है।
घटना के आसपास की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। उनका शव महात्मा गांधी अस्पताल के मॉर्चरी में रखा गया है।
पूर्णिमा विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक राहुल सिंधी ने बताया कि यशस्वी पढ़ाई में बहुत होशियार थी और कुछ ही दिन पहले उसे नौकरी मिली थी।
उन्होंने आगे बताया कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने तुरंत संस्थान के आपातकालीन वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद निर्धारित मध्यावधि परीक्षा स्थगित कर दी गई। महात्मा गांधी अस्पताल में जमा हुए यशस्वी के परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि एक छात्रा छत पर कैसे पहुंच सकती है, और तर्क दिया कि पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने चाहिए थे।
परिवार ने नीरजा मोदी स्कूल में हुई पिछली घटना के बाद सरकार द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की मांग की। परिवार ने अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, यशस्वी के पिता का देहांत हो चुका था और उनकी माता दुर्गा देवी उनकी शिक्षा का खर्च उठा रही थीं।
उनकी माता राजस्थान सचिवालय के सांख्यिकी विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनके भाई शुभम वकील हैं।
रिश्तेदारों ने बताया कि खबर सुनकर उनकी माता का मनोबल टूट गया। उन्हें पहले महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें घर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि घटना के सटीक हालात और कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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