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लखनऊ: जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा आज से शुरू, सीएम योगी के शामिल होने की संभावना

 

लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में सोमवार से 9 जून तक नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। इस कथा का वाचन पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज करेंगे।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश देंगे।

आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, योगी सरकार के कई मंत्री अलग-अलग दिनों में कथा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की भी संभावना है।

मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

23 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति पर आधारित कथा मंच का पोस्टर जारी किया था और कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दी थीं।

आयोजकों का कहना है कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक परंपराओं, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र जागरण को मजबूत करने का माध्यम भी है।

भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर यह कथा समाज में सेवा, सदाचार और कर्तव्य भावना को बढ़ावा देती है।

कथा के दौरान हर दिन अलग-अलग प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। इसमें चौथे दिन भगवान राम का जन्मोत्सव, छठे दिन सीता-राम विवाह और अंतिम दिन 9 जून को श्रीराम राज्याभिषेक का प्रसंग प्रमुख रहेगा।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मामले में महत्वपूर्ण गवाह भी रहे हैं।

उनके शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में योगदान के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया है।

कथा के पहले दिन कलश यात्रा, गुरु वंदना और भरद्वाज-याज्ञवल्क्य संवाद का वर्णन होगा।

दूसरे दिन माता सीता के प्राकट्य की कथा, तीसरे दिन भगवान शिव विवाह, चौथे दिन श्रीराम जन्मोत्सव और पांचवें दिन बाल लीला तथा राम के वनगमन का वर्णन किया जाएगा।

छठे दिन सीता-राम विवाह, जबकि सातवें दिन राम वनवास, केवट संवाद और राम-भरत मिलाप की कथा सुनाई जाएगी।

आठवें दिन सीता हरण और शबरी चरित्र का प्रसंग होगा। कथा का समापन 9 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।

अंतिम और नौवें दिन लंका दहन, अयोध्या आगमन, भगवान राम के राज्याभिषेक और भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।

दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक पुस्तकों की रचना कर चुके जगद्गुरु रामभद्राचार्य शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए देशभर में सम्मानित हैं।

--आईएएनएस

एएमटी