लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में 20 लोगों की मौत, कुल मौतों की संख्या 1,021 हुई: बेरूत
बेरूत, 21 मार्च (आईएएनएस)। एक तरफ, मिडिल ईस्ट में ईरानी हमलों से भारी तबाही मची हुई है। दूसरी तरफ, इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए और 57 अन्य घायल हो गए।
स्थानीय समयानुसार, शुक्रवार को एक नया आंकड़ा जारी किया गया, जिसके अनुसार, 2 मार्च को लड़ाई बढ़ने के बाद से मरने वालों की कुल संख्या 1,021 हो गई और कुल 2,641 लोग घायल हुए हैं। इस बीच, लोगों का विस्थापन तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि चल रहे हमलों की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ रहे हैं। देश भर में 644 केंद्रों में अभी कुल 134,616 लोग बेघर हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लगातार हवाई हमलों के बीच मानवीय स्थिति बिगड़ने से बेघर लोगों को बसाने की कोशिशें दबाव में हैं। हिजबुल्लाह ने 27 नवंबर, 2024 को सीजफायर के बाद पहली बार दक्षिणी लेबनान से इजरायल की ओर रॉकेट दागे। इसके साथ ही 2 मार्च को दोनों तरफ से टकराव की स्थिति एक बार फिर से शुरू हो गई और फिर इजरायल ने देश भर के कई इलाकों को निशाना बनाकर तेज सैन्य अभियान चलाया।
इससे पहले बुधवार को, लेबनान में यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स (यूएनआईएफआईएल) ने कहा कि भारी गोलीबारी, हवाई और जमीनी गतिविधियों में बढ़ोतरी और लेबनानी इलाके के अंदर इजरायली सेना की बढ़ती मौजूदगी, ऐसे घटनाक्रम हैं जो "गहरी चिंता" पैदा करते हैं।
एक बयान में यूएनआईएफआईएल ने कहा कि रातभर हुई हिंसक झड़पें लेबनान और इजरायल के बीच हालात के और बिगड़ने का संकेत देती हैं। संगठन ने यह भी चिंता जताई कि संघर्ष में शामिल पक्षों द्वारा दोबारा जारी किए जा रहे तथाकथित निकासी आदेश ब्लू लाइन के दोनों ओर रहने वाले आम नागरिकों को प्रभावित कर रहे हैं।
यूएनआईएफआईएल ने सभी पार्टियों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 और दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करने की अपनी अपील को फिर से दोहराया, और इसे स्थायी स्थिरता पाने का एकमात्र रास्ता बताया। इसमें कहा गया कि सैनिक दक्षिणी लेबनान में अपने ऑपरेशन क्षेत्र और ब्लू लाइन के आसपास तैनात हैं। वे लगातार उल्लंघनों की निगरानी और रिपोर्टिंग कर रहे हैं, संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए हुए हैं और जहां संभव हो, मानवीय सहायता पहुंचाने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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