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आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या का मामला: चोरी का फोन, होटल का वाई-फाई और चैट बने अहम कड़ी, पकड़ा गया आरोपी

 

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने अमर कॉलोनी इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि आरोपी राहुल मीणा को द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार किया गया।

यह घटना, बुधवार सुबह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में स्थित अधिकारी के आवास पर हुई। उनकी बेटी यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। वह अपने परिवार को घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस मामले को तीन अहम डिजिटल सुरागों की मदद से सुलझाया गया है। एक चोरी हुआ मोबाइल फोन, होटल के वाई-फाई का इस्तेमाल और इंस्टाग्राम चैट की मदद से पुलिस टीम आरोपी राहुल मीणा तक पहुंच पाई। राहुल मीणा कथित तौर पर अपराध करने के बाद फरार हो गया था।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि घटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी और जांच के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गईं। जांच के हिस्से के तौर पर आस-पास के इलाकों से मिले सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई। इस दौरान पता चला कि आरोपी अपने निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। इसके बजाय, उसने अलवर में उत्पीड़न की एक पिछली घटना के दौरान एक हैंडसेट चुराया था और एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए उस फोन का इस्तेमाल किया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने द्वारका के एक होटल में चेक-इन किया था, जहां उसने होटल के वाई-फाई नेटवर्क के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान, राहुल इंस्टाग्राम पर गुरुग्राम में रहने वाले एक रिश्तेदार के संपर्क में था।

इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) के विश्लेषण और डिजिटल निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल से पुलिस उसकी लोकेशन का सटीक पता लगाने में कामयाब रही। रिश्तेदार से पूछताछ के बाद और भी जानकारियां जुटाई गईं।

अधिकारियों ने खुलासा किया कि राहुल मीणा ने आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी का बलात्कार किया और फिर फोन चार्जर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने कपड़े बदले और कथित तौर पर घर से चुराए गए लगभग 2.5 लाख रुपए लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह दिल्ली पहुंचने से पहले आरोपी अलवर में था। उसने 10,000 रुपए में मोबाइल फोन बेचा और अलवर से दिल्ली आने के लिए 6,000 रुपए में एक कार किराए पर ली। शहर पहुंचने के बाद वह ड्राइवर को पैसे दिए बिना ही भाग गया और पैदल चलकर अधिकारी के घर की तरफ चला गया।

सीसीटीवी फुटेज में उसे सुबह करीब 6:30 बजे कॉलोनी में घुसते हुए देखा गया। लगभग 9 मिनट बाद, वह घर के अंदर चला गया। लगभग एक घंटे बाद, सुबह करीब 7:20 बजे, उसे घर से बाहर निकलते हुए देखा गया था। घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी सबूतों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी का पता लगाया और आखिरकार उसे द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया, जहां वह छिपा हुआ था।

--आईएएनएस

डीसीएच/