भारत में एप्पल की बिक्री में आईफोन 17 सीरीज का दबदबा, दूसरी तिमाही में कुल शिपमेंट में 44 प्रतिशत हिस्सेदारी
नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। एप्पल की आईफोन 17 सीरीज ने 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत में कंपनी के सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन लाइनअप के रूप में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। बुधवार को जारी साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान एप्पल के कुल आईफोन शिपमेंट में आईफोन 17 सीरीज की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन 16 सीरीज 40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं आईफोन 17ई का योगदान 6 प्रतिशत रहा, जबकि आईफोन 16ई की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा, पुरानी आईफोन 15 सीरीज भी बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रखने में सफल रही और कुल शिपमेंट में इसकी हिस्सेदारी 4 प्रतिशत रही।
सीएमआर के इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट प्रभु राम ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही आमतौर पर एप्पल के लिए अपेक्षाकृत धीमी रहती है, क्योंकि कंपनी अपनी अगली पीढ़ी की आईफोन सीरीज लॉन्च करने की तैयारी करती है। इस साल कंपनी को मेमोरी सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, जिससे कुल शिपमेंट प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि आईफोन 18 सीरीज की लॉन्चिंग से पहले दूसरी तिमाही एप्पल के लिए मौसमी रूप से धीमी रहती है। इस बार मेमोरी सप्लाई में आई दिक्कतों ने भी कंपनी की शिपमेंट पर असर डाला।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दूसरी तिमाही में एप्पल के आईपैड कारोबार पर भी टैबलेट बाजार में आई सुस्ती का असर देखने को मिला। कंपनी की कुल आईपैड शिपमेंट में आईपैड 11 सीरीज की हिस्सेदारी सबसे अधिक 55 प्रतिशत रही। इसके बाद आईपैड एयर 2026 सीरीज ने 38 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। वहीं आईपैड प्रो 2025 सीरीज का योगदान 4 प्रतिशत और आईपैड एयर 2025 सीरीज की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत रही।
सीएमआर का अनुमान है कि आने वाले फेस्टिव सीजन में एप्पल की बिक्री फिर से रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी बड़ी वजह कंपनी के पहले फोल्डेबल आईफोन की संभावित लॉन्चिंग मानी जा रही है। हालांकि, निकट भविष्य में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां बनी रह सकती हैं, लेकिन इसके बावजूद भारतीय बाजार में एप्पल की मजबूत स्थिति बरकरार रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के अंत तक एप्पल के भारत के स्मार्टफोन बाजार में लगभग 12 प्रतिशत और टैबलेट बाजार में करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का अनुमान है।
--आईएएनएस
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