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'तेलंगाना के 4 करोड़ लोगों का अपमान', अमेरिका यात्रा की अनुमति न मिलने पर सीएम रेड्डी

 

हैदराबाद, 24 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा उनके अमेरिका दौरे की इजाजत न दिए जाने को तेलंगाना के 4 करोड़ लोगों का 'अपमान' बताया।

उन्होंने मोदी सरकार पर 'राजनीतिक भेदभाव' करने और तेलंगाना में निवेश व विकास की राह में बाधा डालने का आरोप लगाया।

यूनाइटेड किंगडम से लौटने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अमेरिका जाने की इजाजत न देने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।

केंद्र के इस कदम को 'तानाशाही' बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे संघवाद की भावना को ठेस पहुंची है।

रेवंत रेड्डी को 23 अगस्त को यूके से अमेरिका के एक हफ्ते के दौरे पर जाना था। उन्होंने कहा कि इजाजत न मिलने का कारण विदेश मंत्रालय के संदेश से साफ है, जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक नजरिए से मंजूरी नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक पहलू यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा से हैं और गुजरात से आते हैं, जबकि मैं कांग्रेस पार्टी से हूं और तेलंगाना से हूं।

उन्होंने यूके और यूएस की अपनी यात्रा की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से विदेश मंत्रालय को भेजे गए आधिकारिक पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यात्रा का मकसद साफ तौर पर बताया गया था।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की उनकी यात्रा का मकसद दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज और स्पोर्ट्स अकादमियों के साथ सहयोग करना, निवेश के लिए लोगों को बुलाना और निवेशकों और रणनीतिक साझेदारों के साथ बैठकें करना था।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार तेलंगाना को स्पोर्ट्स और शिक्षा के एक बड़े केंद्र के तौर पर बढ़ावा देना चाहती है। तेलंगाना का प्रतिनिधिमंडल निवेशकों को हैदराबाद में दिसंबर में होने वाले 'तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2.0' के लिए आमंत्रित करना चाहता था।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी यात्रा 'तेलंगाना राइजिंग-2047' के लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिशों का हिस्सा थी, जिसे भारत सरकार के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।

उन्होंने सवाल किया कि जब यूके और यूएस दोनों देशों की उनकी यात्रा का मकसद एक ही था, तो केंद्र सरकार ने यूएस यात्रा की मंजूरी क्यों नहीं दी।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 'वाइब्रेंट गुजरात 2047' के लिए निवेशकों को आकर्षित करने के मकसद से यूएल की यात्रा पर थे।

उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को 17 से 24 अगस्त तक यूएस और कनाडा की यात्रा करने की मंजूरी दी गई थी। उन्हें 'वाइब्रेंट गुजरात' पहल के तहत निवेश से जुड़ी यात्राओं के लिए मंजूरी मिली थी। लेकिन, जब मैंने 'तेलंगाना राइजिंग 2047' पहल के तहत यूएस जाने की कोशिश की, तो मुझे रोक दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को गुजरात का एंबेसडर मानते हैं और दूसरे राज्यों का विकास नहीं देखना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें तेलंगाना से डर लगता है क्योंकि इस दौरे से राज्य में और ज्यादा निवेश लाने में मदद मिलती।

--आईएएनएस

एमएस/