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एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' को किया लॉन्च, बोले-नई पीढ़ी के लिए उपयोगी

 

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में शुभांशु शुक्ला जैसे और भी कई अंतरिक्ष यात्री होंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करने के लिए अपनी 20 दिन की अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव को एक किताब में बताने पर आईएएफ ग्रुप कैप्टन की तारीफ भी की।

आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की लिखी किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' के लॉन्च समारोह में एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हमारे बीच और भी शुभांशु जैसे लोग आएंगे और बहुत जल्द वह भीड़ का हिस्सा बन जाएंगे, क्योंकि हममें से बहुत से लोग ऐसे होंगे जिन्होंने यह अनुभव किया होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं बस यही चाहता हूं कि ऐसा हो। मुझे पता है कि उन्हें (शुभांशु शुक्ला) यह पसंद नहीं आएगा, क्योंकि उनकी कामयाबी में कई लोग शामिल होंगे, लेकिन ऐसा ही होना चाहिए। फिर भी इतने लंबे अंतराल के बाद आप पहले व्यक्ति बने रहेंगे।"

आईएएफ चीफ ने बताया कि आईएएफ के चार अधिकारी थे, जिनमें शुक्ला भी शामिल थे, जिन्होंने स्पेस मिशन के लिए ट्रेनिंग ली थी लेकिन वह (आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला) किस्मत वाले थे। वह जरूर सबसे अच्छे रहे होंगे और उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया होगा। मुझे उम्मीद है कि दूसरों को भी कभी न कभी मौका मिलेगा।"

एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने युवाओं से महत्वाकांक्षी बनने और अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन के सफर का आनंद लेने को कहा। उन्होंने सलाह दी कि वे अपनी मंजिल को लेकर बहुत ज्यादा कठोर न हों।

शुक्ला का उदाहरण देते हुए आईएएफ चीफ ने कहा, "आप कहां पहुंचते हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि आपको सफर का आनंद लेना चाहिए। शुभांशु का अंतिम सफर 20 दिनों का था, लेकिन उन्होंने उस सफर तक पहुंचने की सालों की प्रक्रिया का आनंद लिया, इसी वजह से उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रही।"

युवाओं के लिए संदेश देते हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा, "जीवन में किसी एक चीज में ही उलझकर न रह जाएं। आप जहां भी जाएं, जो भी करें या जो भी बनें, उसमें अच्छा प्रदर्शन करें। आप कहां पहुंचते हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि उस योग्यता के साथ आपने क्या किया, यह मायने रखता है।"

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, "आज यहां शुभांशु शुक्ला के सफर के बारे में जानने के लिए आना बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने इसे बहुत अच्छे ढंग से लिखा है। मैंने अभी तक किताब नहीं पढ़ी है; मैं इसे पढ़ूंगा और फिर समझूंगा, लेकिन अब तक जो कुछ भी कहा गया है, मुझे लगता है कि यह आने वाली सभी पीढ़ियों के लिए बहुत प्रेरणादायक है।" शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा की और 2025 में अपनी अंतरिक्ष उड़ान पूरी की।

विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। मिशन के दौरान असाधारण साहस, तेजी से फैसला लेने की क्षमता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा दिखाने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।

अंतरिक्ष में रहने के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कई रिसर्च एक्सपेरिमेंट किए और खेती से जुड़े प्रयोग भी किए। उन्होंने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक मेथी और मूंग की फसल उगाई।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी