कर्नाटक : जांच रिपोर्ट से लापरवाही का खुलासा; क्रिकेट प्रैक्टिस एरिया के निर्माण से गिरी अस्पताल की दीवार
बेंगलुरु, 12 मई (आईएएनएस)। बॉवरिंग अस्पताल में एक चारदीवारी गिरने की घटना से जुड़ी जांच रिपोर्ट मंगलवार को कर्नाटक सरकार को सौंप दी गई। इस घटना में एक बच्चे सहित सात लोगों की जान चली गई थी। बेंगलुरु के उपायुक्त जी. जगदीश ने यह रिपोर्ट सौंपी है।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में बताया गया है कि दीवार के पास एक क्रिकेट नेट की सुविधा बनाई गई थी। सूत्रों ने आगे बताया कि अस्पताल प्रशासन ने कथित तौर पर एक डोनर द्वारा दिए गए सीएसआर फंड का इस्तेमाल करके दीवार के पास एक स्टेडियम जैसा क्रिकेट प्रैक्टिस एरिया बनाया था।
रिपोर्ट ने इस दुखद घटना के लिए स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरों, ठेकेदारों और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी को दोषी ठहराया है।
दरअसल, बेंगलुरु में बॉवरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल के पास हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान दीवार गिरने की यह घटना हुई थी।
जांच रिपोर्ट में दीवार के बगल में बड़ी मात्रा में मिट्टी डालने को दीवार गिरने का मुख्य कारण बताया गया है।
जांच के नतीजों के अनुसार, ठेकेदार और स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर दीवार के बगल में जमा मिट्टी को सही समय पर हटाने में नाकाम रहे, जिससे दीवार कमजोर हो गई।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आठ फुट ऊंची दीवार के सहारे करीब छह फुट मिट्टी का ढेर लगा दिया गया था, जिससे दीवार पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा था।
जांच में कथित तौर पर यह पाया गया कि मिट्टी इसलिए डाली गई थी ताकि क्रिकेट नेट की सुविधा बनाई जा सके, और इसमें अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई, जिसने कंपाउंड की दीवार के पास ऐसी गतिविधि की इजाजत दी।
पत्रकारों से बात करते हुए, बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर जगदीश ने पुष्टि की कि जांच पूरी हो गई है और रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है।
उन्होंने कहा, "सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। हमने विस्तार से जांच की और रिपोर्ट सौंप दी। मैं यह नहीं बताऊंगा कि रिपोर्ट में क्या लिखा है। मैंने इसे एक बंद लिफाफे में सौंपा है। अब हमें इंतज़ार करना होगा और देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है।"
यह घटना भारी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के बीच हुई, जब पीड़ित दीवार के पास पनाह ले रहे थे।
दीवार अचानक गिर गई, जिससे वे मलबे के नीचे दब गए। सातों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से अर्थमूवर का इस्तेमाल करके शवों को बाहर निकाला और घायलों को बचाया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मौके का दौरा किया। उनके कार्यालय ने मौतों की पुष्टि करते हुए दीवार गिरने की इस घटना को दुखद बताया।
कर्नाटक के लोकायुक्त जस्टिस बी.एस. पाटिल ने घटना के बाद खुद संज्ञान लेते हुए एक मामला दर्ज किया।
उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे राज्य में जर्जर हो चुकी इमारतों की पहचान करने, उनकी मरम्मत करने या उन्हें गिराने के लिए एक जवाबदेही तय करने की भी बात कही।
--आईएएनएस
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