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बिहार: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास घायल फिशिंग कैट को बचाया गया

 

पटना, 21 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में मंगलवार को बगहा-नरकटियागंज रेल सेक्शन पर एक दुर्लभ फिशिंग कैट को सुरक्षित बचाया गया।

इस घटना की वजह से कुछ समय के लिए ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ और वन विभाग तथा रेलवे अधिकारियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया।

यह जानवर मुख्य तिरहुत नहर के पास बगहा और खैरपोखरा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे पुल नंबर 349 पर देखा गया। शुरू में ग्रामीणों को लगा कि यह तेंदुए का बच्चा है, जिससे इलाके में चिंता फैल गई।

सूचना मिलने पर रेलवे अधिकारियों ने वन विभाग को सूचित किया। बगहा स्टेशन अधीक्षक संतोष पांडे ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों ने तुरंत निर्देश जारी किए कि ट्रेनें धीमी गति से चलें या जरूरत पड़ने पर रुक जाएं। पटरी से जानवर को सुरक्षित हटाए जाने के बाद ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से बहाल हो गईं।

रेलवे पुलिस की मदद से बगहा वन रेंज की एक बचाव टीम मौके पर पहुंची और जानवर को घेरकर एक बड़े जाल की मदद से सावधानीपूर्वक पकड़ लिया।

बगहा वन रेंज अधिकारी के अनुसार, बचाई गई फिशिंग कैट घायल थी, संभवतः किसी गुजरती हुई ट्रेन की चपेट में आने से उसे चोट लगी थी। अधिकारी ने बताया कि जानवर की पीठ के निचले हिस्से में चोट लग गई थी, जिससे उसे चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी।

बचाव के बाद, फिशिंग कैट को बगहा वन रेंज केंद्र ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सक संजीव कुमार की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। वन अधिकारियों ने बताया कि पूरी तरह ठीक होने के बाद जानवर को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के भीतर उपयुक्त आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा।

निवासियों के अनुसार, बचाव से पहले फिशिंग कैट लगभग दो सप्ताह से सेरहवा सरेह इलाके में घूम रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि इसे कई बार नरवल-बरवल गांव के खेतों में देखा गया, जहां यह अक्सर गन्ने की फसल के बीच छिपी रहती थी और पास की झाड़ियों में छोटे जानवरों का शिकार करती थी।

वन अधिकारियों का मानना ​​है कि लगातार बारिश और गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे कई जंगली जानवर सुरक्षा की तलाश में ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं।

वन विभाग ने वन क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों से अपील की है कि यदि कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उसके पास न जाएं और न ही उसे पकड़ने की कोशिश करें।

अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे तुरंत वन विभाग या स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें ताकि प्रशिक्षित कर्मचारी लोगों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से बचा सकें और उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित कर सकें।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम