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सीजेपी संस्थापक के खिलाफ एफआईआर की मांग, विरोध-प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में नाबालिग को लगी चोट का मामला

 

इंदौर, 13 अगस्त (आईएएनएस)। इंदौर पुलिस को एक लिखित शिकायत मिली है। इसमें दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की लाठीचार्ज में घायल हुए एक नाबालिग से जुड़ी कथित घटना के सिलसिले में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

एडिशनल डीसीपी राजेश डंडोत्या ने बताया कि पुलिस को फैजान अंसारी नाम के व्यक्ति से शिकायत मिली, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में अपना बयान भी दर्ज कराया।

डंडोत्या ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया, "फैजान अंसारी नाम के एक व्यक्ति इस मामले में आए थे। उन्होंने एक शिकायत दर्ज कराई और विरोध प्रदर्शन के बारे में बयान दिया। उनके बयान के आधार पर एक अर्जी दी गई।"

शिकायत के अनुसार, अंसारी ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान एक 12 साल की लड़की के प्राइवेट पार्ट्स में चोट लग गई।

उन्होंने दिपके और अन्य सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज' (पॉक्सो) एक्ट के प्रावधानों का जिक्र किया है।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए अंसारी ने कहा, "विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग, जिनमें लड़कियां भी शामिल थीं, मौजूद थे। 20 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आयोजित किया था। वहां नाबालिग बच्चे भी मौजूद थे। लाठीचार्ज के दौरान, एक 12 साल की लड़की के प्राइवेट पार्ट्स में चोट लग गई। इस संबंध में, मैं पॉक्सो एक्ट का जिक्र करना चाहूंगा। यह एक भारतीय कानून है, जिसके तहत, कहीं कोई अपराध होता है, तो उसकी शिकायत कहीं भी दर्ज कराई जा सकती है।"

यह शिकायत दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है, जहां छात्र और समर्थक इकट्ठा हुए थे। बाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोप लगाए गए। पुलिस ने कहा कि आगे की कार्रवाई शिकायत की जांच और मामले में सौंपी गई अन्य सामग्री पर निर्भर करेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम