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लखनऊ से दम्मम जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद अहमदाबाद डायवर्ट किया गया

 

अहमदाबाद, 10 सितंबर (आईएएनएस)। लखनऊ से सऊदी अरब के दम्मम जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में बम होने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की तलाशी शुरू कर दी।

सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6ई097 शाम करीब 5:45 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एसवीपीआईए) पर उतरी। यह फैसला तब लिया गया जब क्रू मेंबर को प्लेन में एक कागज का टुकड़ा मिला जिस पर 'बम' लिखा था।

उन्होंने बताया, "सभी यात्रियों और क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।" एयरपोर्ट अधिकारियों के पास मौजूद जानकारी के अनुसार, प्लेन में यात्रियों और क्रू समेत कुल 133 लोग सवार थे।

इससे पहले पुलिस ने बताया था कि प्लेन में 107 यात्री और छह क्रू मेंबर थे। लैंडिंग के बाद यात्रियों और क्रू को प्लेन से बाहर निकाला गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए।

स्थानीय पुलिस और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के जवानों ने प्लेन की तलाशी शुरू की, जबकि बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) भी जांच कर रहा था।

अधिकारियों ने कहा, "प्लेन में कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली।" सुरक्षा एजेंसियां ​​खतरे की असलियत जानने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए हैं।

यह घटना एक और इंटरनेशनल फ्लाइट को इसी तरह की बम की धमकी के बाद अहमदाबाद डायवर्ट किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है।

31 अगस्त को, दम्मम से नई दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ़्लाइट, जिसमें 32 यात्री सवार थे, ने अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग की थी। ऐसा तब किया गया जब एक क्रू मेंबर को एक टिश्यू पेपर मिला जिस पर बम होने का मैसेज लिखा था। बाद में पता चला कि वह धमकी झूठी थी।

उस मामले में, प्लेन के टॉयलेट में मिली धमकी भरी चिट्ठी के बाद जांचकर्ताओं ने प्लेन में सवार लोगों की हैंडराइटिंग की तुलना की थी, और बाद में एक क्रू मेंबर शक के घेरे में आ गया था।

उस घटना की जांच अभी भी चल रही है।

यह ताजा घटना गुजरात में हाल के दिनों में मिली बम की धमकियों के सिलसिले के बीच हुई है, जिसमें इस महीने की शुरुआत में अहमदाबाद और सूरत की अदालतों को मिली धमकियां भी शामिल हैं।

धमकियों के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया था, जिन्हें बाद में गुजरात पुलिस ने झूठा करार दिया था।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी