अप्रैल-जून तिमाही में भारत के स्टील सेक्टर ने बरकरार रखी मजबूत रफ्तार, फिनिश्ड स्टील उत्पादन 4.9 प्रतिशत बढ़ा: सरकार
नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के इस्पात क्षेत्र (स्टील सेक्टर) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। इस्पात मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में देश का फिनिश्ड स्टील उत्पादन बढ़कर 1.35 करोड़ टन पहुंच गया, जो जून 2025 के 1.30 करोड़ टन की तुलना में 3.8 प्रतिशत अधिक है।
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में देश का फिनिश्ड स्टील उत्पादन 4.06 करोड़ टन रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 3.87 करोड़ टन की तुलना में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इसी अवधि में देश का क्रूड स्टील उत्पादन भी बढ़कर 4.21 करोड़ टन हो गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही के 4.08 करोड़ टन की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून में फिनिश्ड स्टील की खपत में सालाना आधार पर 25.6 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकार की ओर से हाईवे, रेलवे और बंदरगाह जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेज निवेश के कारण इस्पात की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जून 2026 में देश का क्रूड स्टील उत्पादन 1.41 करोड़ टन रहा, जो जून 2025 के 1.35 करोड़ टन की तुलना में 4.5 प्रतिशत अधिक है।
सरकारी बयान के अनुसार, जून 2026 तक भारत की कुल क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 22.2 करोड़ टन प्रति वर्ष हो गई है। इससे देश राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
मई 2026 में सरकारी इस्पात कंपनी सेल (एसएआईएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी करते हुए 1.993 करोड़ टन की रिकॉर्ड बिक्री और 1,10,810 करोड़ रुपए के राजस्व की घोषणा की थी। कंपनी की बिक्री मात्रा में सालाना आधार पर 11.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो मजबूत मांग और बेहतर परिचालन प्रदर्शन का संकेत है।
सरकार ने बताया कि सेल (एसएआईएल) और एनएमडीसी रूस में कोकिंग कोल और निकेल परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की संभावनाओं का भी अध्ययन कर रहे हैं। मई 2026 में रूस के दौरे के बाद सेल ने संभावित अवसरों के मूल्यांकन के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है, जबकि एनएमडीसी दीर्घकालिक कच्चे माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशों में कोकिंग कोल परिसंपत्तियों का आकलन कर रही है।
इसके अलावा, सेल (एसएआईएल) के भिलाई स्टील प्लांट को उसके टीएमटी बार के लिए एनवायरनमेंटल प्रोडक्ट डिक्लेरेशन (ईपीडी) प्रमाणन मिला है, जो टिकाऊ इस्पात उत्पादन के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्लांट की 15 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजना हर वर्ष लगभग 3.43 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।
सरकार के अनुसार, ये पहल घरेलू और वैश्विक बाजार में ग्रीन स्टील की बढ़ती मांग के अनुरूप पर्यावरण-अनुकूल इस्पात उत्पादन को मजबूत करेंगी।
--आईएएनएस
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