1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा टिकट चेकिंग अभियान, ट्रेन यात्रियों से वैध पहचान पत्र रखने की अपील
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। इंडियन रेलवे 1 से 31 अक्टूबर तक सेंट्रल रेलवे नेटवर्क पर टिकट-चेकिंग अभियान चलाएगा। इस अभियान में रियायती टिकटों, तय रिजर्वेशन कोटे, रेलवे पास और ग्रुप बुकिंग की जांच की जाएगी।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, टिकट-चेकिंग स्टाफ यात्रियों की पात्रता की जांच करेगा और रियायत या कोटे के तहत यात्रा करने वालों से ओरिजिनल पहचान पत्र दिखाने के लिए कहेगा। यह चेकिंग रेलवे स्टेशनों और लोकल ट्रेनों, दोनों जगहों पर की जाएगी।
सेंट्रल रेलवे ने एक बयान में यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट और जरूरी दस्तावेजों के साथ यात्रा करें और यात्रा को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ का सहयोग करें।
टिकट-चेकिंग स्टाफ जरूरत पड़ने पर टीटीई ऐप का इस्तेमाल करके टिकटों (बिना रिजर्वेशन वाले टिकटों सहित) की असलियत की जांच कर सकता है। रियायती टिकट या खास रिजर्वेशन कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए तय किया गया असली पहचान पत्र साथ रखना होगा।
मान्य पहचान पत्रों में आधार, पासपोर्ट, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, सरकारी फोटो आईडी, स्टूडेंट आईडी, फोटो वाली बैंक पासबुक और लैमिनेटेड फोटो वाला बैंक क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। यात्रियों को असली दस्तावेज साथ रखना चाहिए। सिर्फ फोटोकॉपी या फोन में सेव की गई दस्तावेज की इमेज पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
ई-पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (पीटीओ) वाले यात्रियों को तय किया गया असली पहचान पत्र साथ रखना होगा और यह पक्का करना होगा कि यात्रा शुरू करने से पहले ई-पास या पीटीओ को सही तरीके से बदलकर यात्रा के लिए जरूरी 'अथॉरिटी टू ट्रैवल' में बदल लिया गया हो।
ग्रुप रिजर्वेशन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे। जब एक से ज्यादा लोगों के लिए टिकट रिजर्व किया जाता है तो कम से कम एक यात्री के पास जरूरी असली पहचान पत्र होना चाहिए।
जो यात्री अपनी पात्रता साबित नहीं कर पाते या जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पाते, उन पर लागू रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। उन्हें ज्यादा अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।
'जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026' के तहत बदलावों के बाद, 20 जून 2026 से बिना टिकट या अनधिकृत तरीके से यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है।
--आईएएनएस
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