अमेरिका में नागरिकता प्रक्रिया सुस्त, यूएससीआईएस में लंबित आवेदनों का ढेर (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका में रहने वाले भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों के लिए नागरिकता पाने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। आईएएनएस की समीक्षा में अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (यूएससीआईएस) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी नागरिकता के लिए लंबित आवेदनों की संख्या अगस्त में 8.13 लाख से अधिक हो गई।
यूएससीआईएस की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में 15,349 नागरिकता आवेदन (फॉर्म एन- 400) मंजूर किए गए। यह जुलाई के 16,514 और जून के 18,439 मंजूर आवेदनों से कम है। दूसरी तरफ, लंबित आवेदनों का ढेर लगातार बढ़ रहा है। जून में बैकलॉग 7,44,412 था, जो जुलाई में बढ़कर 7,78,489 और अगस्त में 8,13,453 तक पहुंच गया।
एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में लंबित पड़े आवेदनों में से 5,13,462 आवेदन ऐसे थे, जो छह महीने से ज्यादा समय से पेंडिंग थे। यूएससीआईएस के मुताबिक, औसतन एक आवेदन को निपटाने में 12.7 महीने लग रहे हैं। सिर्फ अगस्त महीने में ही एजेंसी को 54,492 नए आवेदन मिले, जो उसी महीने मंजूर आवेदनों की संख्या से तीन गुना से भी ज्यादा हैं।
यह स्थिति भारतीयों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के 'ऑफिस ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी स्टैटिस्टिक्स' के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024 में अमेरिकी नागरिक बनने वालों में भारत दूसरे स्थान पर था।
डीएचएस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उस साल भारत में जन्मे करीब 49,700 लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिली, जो कुल नए नागरिकों का 6.1 प्रतिशत था।
भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने भी इस धीमी प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "प्रशासन ग्रीन कार्ड धारकों की नागरिकता मंजूरियों को रोक रहा है।"
चेन्नई में जन्मी और बाद में अमेरिकी नागरिक बनीं जयपाल, प्रतिनिधि सभा की इमिग्रेशन संबंधी उपसमिति में वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं।
यूएससीआईएस ने अपनी मासिक रिपोर्ट में यह नहीं बताया कि मंजूरियों में गिरावट क्यों आ रही है। यह ऐसे समय में देखने को मिल रहा है, जब ट्रंप प्रशासन ने कानूनी इमिग्रेशन के कई रास्तों को सख्त किया है। इनमें पीईआरएम लेबर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को निलंबित करना भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए किया जाता है। इस कदम को लेकर भारतीय पेशेवरों में चिंता देखी गई है।
आम तौर पर, स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) पांच साल बाद अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी की शादी अमेरिकी नागरिक से हुई है, तो वह तीन साल बाद आवेदन करने के योग्य हो जाता है। इसके लिए अंग्रेजी और नागरिक शास्त्र की परीक्षा तथा इंटरव्यू पास करना जरूरी होता है।
कई भारतीयों ने देश-वार सीमा के कारण रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पाने के लिए वर्षों, यहां तक कि दशकों तक इंतजार किया है। ऐसे लोगों के लिए नागरिकता अंतिम पड़ाव होती है, जिससे यात्रा, रिश्तेदारों को स्पॉन्सर करने और मतदान अधिकारों को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो जाती है।
नागरिकता प्रक्रिया में बढ़ती देरी का एक असर यह भी हो सकता है कि इस साल आवेदन करने वाले कई ग्रीन-कार्ड धारक नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे।
इमिग्रेशन वकीलों ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे अपने आवेदन पूरी और सही जानकारी के साथ जमा करें तथा यूएससीआईएस के पास अपना पता हमेशा अपडेट रखें, ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
--आईएएनएस
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