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एमटी जलवीर से रेस्क्यू किए गए 20 क्रू मेंबर्स लौटेंगे भारत, भारतीय राजदूत ने सभी नाविकों से की मुलाकात

 

मस्कट, 15 जून (आईएएनएस)। ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने सोमवार को मस्कट में एमटी जलवीर के 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मुलाकात की। इन सभी क्रू मेंबर्स को भारत वापस भेजा जाएगा।

ओमान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान के अनुसार, ओमानी अधिकारियों के सहयोग से भारतीय क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया है। दूतावास ने संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "ओमान में भारत के राजदूत ने एमटी जलवीर के 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मस्कट में मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की। 11 जून 2026 को जहाज से जुड़ी घटना के बाद ओमानी अधिकारियों के सहयोग से क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया। भारतीय दूतावास संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता और समर्थन प्रदान करने तथा उनकी कुशलता और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

इससे पहले, 11 जून को भारतीय दूतावास ने बताया था कि ओमान की रॉयल नेवी की सहायता से एमटी जलवीर से भारतीय नागरिकों को शिनास बंदरगाह तक सुरक्षित पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने 11 जून को पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा था कि ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एमटी जलवीर पर हुए हमले के बाद उसमें सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा कि भारत कमर्शियल शिपिंग में बार-बार आने वाली रुकावटों को लेकर चिंतित है, साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुद्र क्षेत्र में सुरक्षित और बिना रुकावट नेविगेशन के महत्व को दोहराया।

अतिरिक्त सचिव मंगल ने कहा, "आज, हमें यह भी पता चला कि गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला कमर्शियल जहाज एमटी जलवीर पर ओमान के शिनास पोर्ट के पास हमला हुआ। जहाज में बीस भारतीय क्रू मेंबर सवार हैं और सभी के सुरक्षित होने की खबर है। ओमान में हमारा मिशन स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और भारतीय क्रू को सुरक्षित निकालने के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।"

उन्होंने कहा, “इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग पर असर डालने वाली लगातार घटनाएं बहुत चिंता की बात हैं। हम नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुद्र क्षेत्र से बिना किसी रुकावट के नेविगेशन और कॉमर्स बनाए रखने की अहमियत को दोहराते हैं।”

इसी ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जहाजों पर बार-बार हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि ये घटनाएं क्षेत्र में जारी संघर्ष से जुड़ी हैं। रणधीर जायसवाल ने जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने की भारत की अपील दोहराई।

--आईएएनएस

केके/एएस