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अजरबैजान में भारतीय दूतावास ने मनाया ‘बिहार दिवस’, संस्कृति और व्यंजनों की दिखी झलक

 

बाकू, 14 अगस्त (आईएएनएस)। अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार को ‘बिहार दिवस’ का आयोजन किया। इस दौरान बिहार की समृद्ध सभ्यतागत विरासत, जीवंत संस्कृति, पर्यटन की संभावनाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के राजदूतों सहित राजनयिक समुदाय के सदस्य, सरकार और विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रमुख लोग, कारोबारी समुदाय के प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य और बड़ी संख्या में अजरबैजान के नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम में लोगों का स्वागत करते हुए अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने भारत के सभ्यतागत इतिहास में बिहार के विशिष्ट स्थान को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि बिहार बौद्ध और जैन धर्म की जन्मभूमि है तथा प्राचीन मगध साम्राज्य का केंद्र रहा है। उन्होंने नालंदा का भी उल्लेख किया, जो दुनिया के प्राचीनतम शिक्षा केंद्रों में से एक था। इसके साथ ही उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर को बिहार की महत्वपूर्ण विरासत बताया, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।

अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान के अनुसार, अभय कुमार ने सम्राट अशोक, आर्यभट्ट, चाणक्य, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियों के साथ बिहार के ऐतिहासिक संबंधों को भी याद किया।

उन्होंने बिहार की कला, संगीत, त्योहारों, खान-पान और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपराओं का उल्लेख करते हुए लोगों से बिहार को इतिहास, आध्यात्मिकता, संस्कृति और पर्यटन के अनूठे केंद्र के रूप में जानने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एक फैशन शो रहा, जिसमें अजरबैजान के नागरिकों के साथ-साथ भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली पारंपरिक भारतीय पोशाकें पहनकर प्रस्तुति दी। दर्शकों ने फैशन शो की जमकर सराहना की।

इसके बाद मेहमानों को भारत के अंतरराष्ट्रीय शेफ द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए पारंपरिक बिहारी व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिला। बिहार के पारंपरिक नमकीन व्यंजनों और मिठाइयों समेत विभिन्न पकवानों को मेहमानों ने खूब पसंद किया।

कार्यक्रम में बिहार के विशिष्ट उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया। इनमें मखाना, भागलपुरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग और दाल चादर प्रमुख रहे। इनके जरिए बिहार की कृषि, हस्तशिल्प और कपड़ा परंपराओं की समृद्धि को दर्शाया गया।

इसके अलावा बिहार की संगीत परंपराओं से प्रेरित संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में रंग भर दिया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि ‘बिहार दिवस’ का आयोजन अजरबैजान में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने तथा भारत और अजरबैजान के लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने के दूतावास के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

दूतावास ने कहा कि कार्यक्रम को मिली शानदार प्रतिक्रिया से अजरबैजान के नागरिकों तथा व्यापक राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को जानने की मजबूत रुचि का पता चलता है।

--आईएएनएस

डीएससी